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Having Pizza During Pregnancy: प्रेग्नेंसी में पिज्जा खा सकते हैं या नहीं, डॉक्टर क्या कहते हैं?


डॉक्टरों के मुताबिक प्रेग्नेंसी में पिज्जा को पूरी तरह से बंद करने की जरूरत नहीं है. कभी-कभार सही तरीके से बना हुआ पिज्जा खाना सुरक्षित माना जाता है. असली दिक्कत पिज्जा से नहीं बल्कि उसमें इस्तेमाल होने वाली कुछ खास चीजों से होती है. इसलिए डॉक्टर हमेशा यह सलाह देते हैं कि पिज्जा खाते समय उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर ध्यान देना चाहिए, ताकि किसी भी तरह का खतरा न हो. 

पिज्जा में सबसे ज्यादा ध्यान चीज पर देना चाहिए. कुछ खास तरह के सॉफ्ट चीज जैसे ब्लू चीज, कैमेम्बर्ट और ब्री बिना पाश्चुराइज्ड दूध से बनते हैं, जिनमें लिस्टेरिया नाम का बैक्टीरिया पाया जा सकता है. यह बैक्टीरिया प्रेग्नेंसी में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ा सकता है, इसलिए डॉक्टर इन चीज को खाने से मना करते हैं. वहीं आम पिज्जा में इस्तेमाल होने वाला मोजेरेला चीज आमतौर पर पाश्चुराइज्ड दूध से बना होता है, इसलिए इसे खाना सुरक्षित माना जाता है.

पिज्जा में सबसे ज्यादा ध्यान चीज पर देना चाहिए. कुछ खास तरह के सॉफ्ट चीज जैसे ब्लू चीज, कैमेम्बर्ट और ब्री बिना पाश्चुराइज्ड दूध से बनते हैं, जिनमें लिस्टेरिया नाम का बैक्टीरिया पाया जा सकता है. यह बैक्टीरिया प्रेग्नेंसी में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ा सकता है, इसलिए डॉक्टर इन चीज को खाने से मना करते हैं. वहीं आम पिज्जा में इस्तेमाल होने वाला मोजेरेला चीज आमतौर पर पाश्चुराइज्ड दूध से बना होता है, इसलिए इसे खाना सुरक्षित माना जाता है.

पिज्जा में डाली जाने वाली टॉपिंग्स पर भी ध्यान देना जरूरी है. अगर पिज्जा में चिकन, पेपरोनी या सलामी जैसे मीट टॉपिंग्स हैं, तो यह पक्का कर लेना चाहिए कि वे अच्छी तरह पका हुआ हो.  कच्चा या अधपका मीट खाने से टॉक्सोप्लाज्मोसिस नाम का इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है, जो बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है.  इसलिए हमेशा गरमागरम और पूरी तरह पका हुआ पिज्जा ही खाना चाहिए.

पिज्जा में डाली जाने वाली टॉपिंग्स पर भी ध्यान देना जरूरी है. अगर पिज्जा में चिकन, पेपरोनी या सलामी जैसे मीट टॉपिंग्स हैं, तो यह पक्का कर लेना चाहिए कि वे अच्छी तरह पका हुआ हो.  कच्चा या अधपका मीट खाने से टॉक्सोप्लाज्मोसिस नाम का इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है, जो बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है.  इसलिए हमेशा गरमागरम और पूरी तरह पका हुआ पिज्जा ही खाना चाहिए.

पिज्जा में अक्सर ज्यादा चीज, तेल और नमक होता है, जिसकी वजह से इसमें कैलोरी भी काफी ज्यादा होती है. बार-बार या ज्यादा मात्रा में पिज्जा खाने से वजन तेजी से बढ़ सकता है, जो प्रेग्नेंसी में सेहत के लिए ठीक नहीं माना जाता है. साथ ही  ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी रुकने और ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या भी हो सकती है. इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि पिज्जा को कभी-कभार और कम मात्रा में ही खाना चाहिए. 

पिज्जा में अक्सर ज्यादा चीज, तेल और नमक होता है, जिसकी वजह से इसमें कैलोरी भी काफी ज्यादा होती है. बार-बार या ज्यादा मात्रा में पिज्जा खाने से वजन तेजी से बढ़ सकता है, जो प्रेग्नेंसी में सेहत के लिए ठीक नहीं माना जाता है. साथ ही  ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी रुकने और ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या भी हो सकती है. इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि पिज्जा को कभी-कभार और कम मात्रा में ही खाना चाहिए. 

अगर मन बार-बार पिज्जा खाने का करे, तो बाहर के बजाय घर पर बना हुआ पिज्जा खाना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है. घर पर पिज्जा बनाते समय ताजी सब्जियां, पाश्चुराइज्ड चीज और अच्छी तरह पका हुआ मीट इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा काफी कम हो जाता है.  साथ ही घर पर बने पिज्जा में तेल और नमक की मात्रा भी अपनी जरूरत के हिसाब से कम रखी जा सकती है, जिससे यह सेहत के लिए भी बेहतर रहता है.

अगर मन बार-बार पिज्जा खाने का करे, तो बाहर के बजाय घर पर बना हुआ पिज्जा खाना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है. घर पर पिज्जा बनाते समय ताजी सब्जियां, पाश्चुराइज्ड चीज और अच्छी तरह पका हुआ मीट इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा काफी कम हो जाता है.  साथ ही घर पर बने पिज्जा में तेल और नमक की मात्रा भी अपनी जरूरत के हिसाब से कम रखी जा सकती है, जिससे यह सेहत के लिए भी बेहतर रहता है.

कुल मिलाकर प्रेग्नेंसी में पिज्जा खाना पूरी तरह गलत नहीं है, बस इसे सही तरीके से और सीमित मात्रा में खाना चाहिए. हमेशा ताजा, अच्छी तरह पका हुआ और साफ-सुथरी जगह से बना पिज्जा ही खाना चाहिए. साथ ही कच्चे या अधपके टॉपिंग्स और बिना पाश्चुराइज्ड चीज से दूरी बनाए रखनी चाहिए. इसके अलावा किसी भी नई डाइट या फूड को लेकर हमेशा अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह जरूर लेनी चाहिए. 

कुल मिलाकर प्रेग्नेंसी में पिज्जा खाना पूरी तरह गलत नहीं है, बस इसे सही तरीके से और सीमित मात्रा में खाना चाहिए. हमेशा ताजा, अच्छी तरह पका हुआ और साफ-सुथरी जगह से बना पिज्जा ही खाना चाहिए. साथ ही कच्चे या अधपके टॉपिंग्स और बिना पाश्चुराइज्ड चीज से दूरी बनाए रखनी चाहिए. इसके अलावा किसी भी नई डाइट या फूड को लेकर हमेशा अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह जरूर लेनी चाहिए. 

Published at : 04 Aug 2026 11:46 AM (IST)

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