Is Zero Oil Cooking Healthy: आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोगों के बीच जीरो ऑयल कुकिंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है. कई लोग वजन कम करने, हार्ट को स्वस्थ रखने या डायबिटीज जैसी बीमारियों से बचने के लिए इस तरीके को अपना रहे हैं. लेकिन क्या बिना तेल के बना खाना वास्तव में फायदेमंद होता है? और क्या रोजमर्रा की कुकिंग में इसे अपनाया जा सकता है?. चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं.
क्या होती है जीरो ऑयल कुकिंग?
zoilkitchen के अनुसार, जीरो ऑयल कुकिंग का मतलब है खाना बनाने के दौरान तेल या घी का इस्तेमाल न करना. इसमें सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों को उनकी प्राकृतिक नमी, पानी, सब्जियों के स्टॉक, भाप या नॉन-स्टिक बर्तनों की मदद से पकाया जाता है. इस तरीके में खाने का स्वाद बनाए रखने के लिए मसालों, जड़ी-बूटियों, नींबू, अदरक, लहसुन और अन्य प्राकृतिक फ्लेवर का सहारा लिया जाता है. इसका उद्देश्य सिर्फ तेल कम करना नहीं, बल्कि शरीर में अनावश्यक फैट और अतिरिक्त कैलोरी की मात्रा को भी घटाना होता है.
दिल की सेहत के लिए हो सकती है फायदेमंद
तेल में मौजूद सैचुरेटेड और ट्रांस फैट का अधिक सेवन लंबे समय में दिल की सेहत पर असर डाल सकता है. अगर खाना बिना तेल के या बहुत कम तेल में बनाया जाए, तो शरीर में ऐसे फैट की मात्रा कम पहुंचती है. इससे हृदय को स्वस्थ रखने और हार्ट डिजीज के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है.
वजन कम करने में मिल सकती है मदद
तेल कैलोरी का बड़ा सोर्स होता है. सिर्फ एक चम्मच तेल में भी काफी कैलोरी होती है. ऐसे में जब खाना बिना तेल के तैयार किया जाता है, तो कुल कैलोरी की मात्रा अपने आप कम हो जाती है. अगर इसके साथ संतुलित आहार और नियमित एक्सरसाइज भी की जाए, तो वजन घटाने में आसानी हो सकती है.
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखने में सहायक
बढ़ा हुआ एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल दिल की बीमारियों का बड़ा कारण माना जाता है. जीरो ऑयल कुकिंग अपनाने से शरीर में अतिरिक्त फैट की मात्रा कम पहुंचती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है. हालांकि इसके साथ संतुलित डाइट और डॉक्टर की सलाह भी जरूरी है.

ब्लड प्रेशर पर भी पड़ सकता है सकारात्मक असर
हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को अक्सर कम तेल और कम नमक वाला भोजन खाने की सलाह दी जाती है. जीरो ऑयल कुकिंग इस दिशा में एक अच्छा विकल्प हो सकती है. जब खाना हल्का और कम फैट वाला होता है, तो यह दिल और रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव कम करने में मदद कर सकता है.
डायबिटीज के मरीजों के लिए भी बेहतर विकल्प
अगर भोजन में तेल और प्रोसेस्ड फैट की मात्रा कम हो, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर तरीके से काम कर सकता है. साबुत अनाज, दालें, सब्जियां और बिना तेल के बना भोजन ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने वाली हेल्दी डाइट का हिस्सा माना जाता है. यही वजह है कि कई न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डायबिटीज के मरीजों को भी कम तेल वाला भोजन लेने की सलाह देते हैं.
जीरो ऑयल कुकिंग कैसे करें?
नॉन-स्टिक पैन या अच्छी गुणवत्ता वाले बर्तनों का इस्तेमाल करें.
सब्जियों को तेल की जगह पानी या वेजिटेबल स्टॉक में हल्का पकाएं.
स्टीमिंग, उबालना, ग्रिलिंग और बेकिंग जैसे कुकिंग तरीके अपनाएं.
स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू, काली मिर्च, धनिया, पुदीना, अदरक, लहसुन और दूसरे प्राकृतिक मसालों का इस्तेमाल करें.
तली हुई चीजों की बजाय भाप में पके या ग्रिल किए गए व्यंजन चुनें.
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क्या बिना तेल के खाना स्वादिष्ट हो सकता है?
बहुत से लोगों को लगता है कि बिना तेल के खाना बेस्वाद होगा, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है. अगर सही मसाले, ताजी सब्जियां और सही कुकिंग तकनीक अपनाई जाए, तो बिना तेल का भोजन भी स्वादिष्ट बन सकता है. आजकल कई लोग बिना तेल की सब्जी, सूप, दाल, कटलेट, इडली, ढोकला और कई दूसरी डिशेज भी पसंद कर रहे हैं.
क्या हर किसी को जीरो ऑयल डाइट अपनानी चाहिए?
यह समझना जरूरी है कि शरीर को थोड़ी मात्रा में हेल्दी फैट की भी जरूरत होती है. बादाम, अखरोट, बीज, एवोकाडो और सीमित मात्रा में सरसों, मूंगफली या ऑलिव ऑयल जैसे सोर्स शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. इसलिए बिना किसी चिकित्सकीय सलाह के पूरी तरह तेल बंद करना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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