How To Fix A Door That Drags On Floor: दरवाजा खोलते या बंद करते समय अगर नीचे का हिस्सा फर्श से रगड़ खाने लगे, तो हर बार इसे सिर्फ दरवाजे की खराबी समझकर तुरंत घिसना या काटना सही नहीं है. कई बार इसकी वजह बेहद छोटी होती है, जैसे हिंज के स्क्रू ढीले होना. कुछ मामलों में मौसम में नमी बढ़ने से लकड़ी फूल जाती है, तो कभी घर में नया फर्श लगने के बाद फर्श का लेवल ऊपर हो जाता है. इसलिए दरवाजे को खुद से ठीक करने से पहले यह पता लगाना जरूरी है कि आखिर वह नीचे से रगड़ क्यों खा रहा है.
सबसे पहले यह समझें कि समस्या कहां है. दरवाजा बंद करते समय अगर नीचे का हिस्सा फर्श से घिसटने की आवाज करता है और हर बार खोलने-बंद करने पर रगड़ महसूस होती है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. इनमें ढीले या पुराने हिंज, नमी के कारण लकड़ी का फूलना, घर के स्ट्रक्चर में हल्का बदलाव, नया फर्श लगने से ऊंचाई बढ़ना और दरवाजे पर जरूरत से ज्यादा वजन होना शामिल है.
सबसे आम वजह हो सकते हैं ढीले हिंज
दरवाजे के हिंज समय के साथ ढीले पड़ सकते हैं. रोजाना बार-बार दरवाजा खुलने और बंद होने से हिंज को पकड़कर रखने वाले स्क्रू धीरे-धीरे अपनी जगह से ढीले हो जाते हैं. इससे दरवाजा कुछ मिलीमीटर नीचे की ओर बैठ जाता है और उसका निचला किनारा फर्श से रगड़ खाने लगता है. अगर दरवाजा पहले ठीक चल रहा था और अब अचानक नीचे से घिसटने लगा है, तो सबसे पहले हिंज जरूर जांचें.
मानसून में बढ़ सकती है समस्या
लकड़ी नमी सोखती है. बारिश या मानसून के दौरान हवा में नमी बढ़ने पर लकड़ी का दरवाजा फूल सकता है. ऐसे में दरवाजा सिर्फ फर्श से ही नहीं रगड़ सकता, बल्कि फ्रेम से भी चिपकने लग सकता है और कई बार ठीक से बंद भी नहीं होता. खासकर जिन लकड़ी के दरवाजों पर सही तरीके से सीलिंग या फिनिशिंग नहीं हुई है, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है.
नया फर्श लगवाया है तो वजह यह भी हो सकती है
अगर आपने हाल ही में पुराने फर्श के ऊपर टाइल, मार्बल या लैमिनेट लगवाया है, तो फर्श की ऊंचाई बढ़ सकती है. पहले जिस दरवाजे के नीचे पर्याप्त जगह थी, वही नया फर्श लगने के बाद नीचे से रगड़ खाने लगता है. ऐसे मामले में दरवाजे को तुरंत काटने से पहले यह देखना जरूरी है कि समस्या वास्तव में फर्श की ऊंचाई बढ़ने से तो नहीं हुई.

दरवाजे पर ज्यादा वजन भी डाल सकता है नीचे
कई लोग दरवाजे पर कपड़े के हुक, तौलिया हैंगर या ओवर-द-डोर ऑर्गनाइजर लगा देते हैं. इन चीजों का अतिरिक्त वजन धीरे-धीरे दरवाजे को नीचे की तरफ खींच सकता है. इससे दरवाजे का एक हिस्सा नीचे बैठ जाता है और नीचे का किनारा फर्श से रगड़ने लगता है.
एक मिनट में ऐसे पहचानें असली समस्या
दरवाजा ठीक करने से पहले एक आसान टेस्ट करें. दरवाजा बंद करके उसके चारों तरफ फ्रेम और दरवाजे के बीच की दूरी देखें. अगर हिंज वाली तरफ ऊपर गैप ज्यादा और नीचे कम दिखाई दे रहा है, तो दरवाजा नीचे की तरफ झुक गया हो सकता है. वहीं अगर चारों तरफ गैप बहुत कम है, तो लकड़ी के फूलने की संभावना हो सकती है. इसके बाद दरवाजे को हैंडल से पकड़कर हल्का ऊपर उठाने की कोशिश करें. अगर दरवाजा ऊपर-नीचे हिलता है, तो हिंज ढीले हो सकते हैं. एक और आसान तरीका यह है कि दरवाजे को धीरे-धीरे खोलें और बंद करें और देखें कि वह फर्श पर ठीक किस जगह रगड़ रहा है. इससे समस्या वाले हिस्से की पहचान करने में मदद मिलेगी.
इसे भी पढ़ें- Snakes In Monsoon: मानसून में घर के पास क्यों आते हैं जहरीले सांप? जानें बचाव के तरीके
सबसे पहले हिंज के स्क्रू कसें
अगर समस्या ढीले हिंज की है, तो दरवाजा काटने या घिसने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सबसे पहले ऊपर वाले हिंज के सभी स्क्रू कसें, क्योंकि इसी हिस्से पर दरवाजे का काफी वजन रहता है. इसके बाद नीचे वाले हिंज को भी अच्छी तरह कसें. अगर कोई स्क्रू घूमता रहे और कस नहीं रहा हो, तो हो सकता है कि स्क्रू का छेद ढीला हो गया हो. ऐसी स्थिति में सिर्फ स्क्रू कसते रहने के बजाय छेद की पकड़ ठीक करने की जरूरत पड़ सकती है.
अगर थोड़ा सा एडजस्टमेंट चाहिए, तो हिंज के पीछे पतली शिम लगाई जा सकती है. इसके लिए पतले कार्डबोर्ड की मदद ली जा सकती है. हिंज के पीछे एक पतली परत लगाने से दरवाजे की पोजिशन में हल्का बदलाव किया जा सकता है. यह तरीका छोटे अलाइनमेंट की समस्या में काम आ सकता है.
इसे भी पढ़ें- क्या आपके कमरे में भी आती हैं छिपकलियां? जानें भगाने का सही तरीका
