Pakistan Saudi and Turkey Defence Pact: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए संयुक्त रक्षा समझौते को लेकर भारत सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि भारत इस समझौते से देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ने वाले संभावित असर का आकलन कर रहा है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए संयुक्त रक्षा समझौते को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि भारत इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि सरकार इस समझौते के भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर संभावित प्रभावों का आकलन कर रही है.
रक्षा समझौते पर भारत कर रहा आकलन
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा से जुड़े किसी भी घटनाक्रम को गंभीरता से लेता है और स्थिति के आधार पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे. विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं और क्षेत्रीय देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ता दिखाई दे रहा है. पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुआ यह रक्षा समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब क्षेत्र में बदलते रणनीतिक समीकरणों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है.
इस समझौते के बाद भारत के लिए भी इसके संभावित सुरक्षा प्रभावों को समझना महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भारत की ओर से फिलहाल इस समझौते को लेकर किसी तरह की सीधी आपत्ति या टिप्पणी नहीं की गई है. सरकार का फोकस इसके संभावित प्रभावों के आकलन पर है.
हरसंभव उठाया जाएगा कदम
विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि यदि इस समझौते से भारत की सुरक्षा या क्षेत्रीय स्थिरता पर कोई असर पड़ता है, तो भारत अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और पाकिस्तान, सऊदी अरब तथा तुर्किये के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के बीच अब भारत की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है. आने वाले दिनों में इस समझौते की प्रकृति और इसके क्षेत्रीय प्रभावों के आधार पर भारत की रणनीति भी साफ हो सकती है.
