झारखंड स्वास्थ्य विभाग में हुई भर्तियों को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. झारखंड स्वास्थ्य विभाग में हुई भर्तियों में आरोपी अभय तिवारी ने मोटी रकम कमीशन के तौर पर वसूली है. अभय ने इस बात का खुलासा CID रिमांड के दौरान किया है. अभय तिवारी जेएसआर एजेंसी में प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर के रूप में काम कर चुका है.
सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध आधारित भर्तियों में भी अभय तिवारी ने करीब 15 लाख रुपये कमीशन के तौर पर कमाए थे. यह रकम उसने JSR एजेंसी के जरिए कमाई थी. इसके बाद वे TDPL कंपनी में आ गया और मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर यहां काम किया.
रांची: छात्रों का आंदोलन जारी, 4 मंत्रियों के पुतले फूंके
TDPL को JSSC में इंपैनल कराने के लिए वसूले 12 लाख
अभय तिवारी ने परीक्षा संचालन कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल को जेएसएससी में इंपैनल कराने के लिए अभय ने करीब 12 लाख रुपए कमीशन ली. पूछताछ में दावा किया है कि काम दिलाने के बदले में बिलिंग पर भी उसे 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा. यह भी तय हुआ था.
जांच में सामने आया है की देवघर में अभय तिवारी द्वारा एक अस्पताल बनवाया जा रहा था. उसने इस अवैध और काली कमाई का इस्तेमाल संपत्तियां बनाने में किया है. बता दें कि JPSC घोटाले का मुख्य आरोपी अभय तिवारी CID रिमांड पर है, पूछताछ में बड़े खुलासे कर रहा है.
टेंडर प्रक्रिया में भी बड़े पेमाने पर कमीशनखोरी
बताया जा रहा है कि टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी और साठगांठ की गई थी. हालांकि इन दावों की CID ने अधिकारिक पुष्टि नहीं की है. बता दें JPSC, JSSC, CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच CID कर रही है. CID पेपर लीक, अभ्यर्थियों से कथित वसूली और परीक्षा में गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन जारी
झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को 21वें दिन जारी है और प्रदर्शनकारियों ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर ‘तिरंगा यात्रा’ निकालने की योजना बनाई है. प्रदर्शनकारियों ने 10 अगस्त को राज्य विधानसभा मार्च के दौरान हुई हिंसा के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर रांची जिला प्रशासन की आलोचना की.
CM हेमंत सोरेन को मारने की धमकी, बोकारो से युवक गिरफ्तार
