Free Online Coaching for Students: महंगी कोचिंग फीस आज कई छात्रों और उनके परिवारों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ एक बड़ी चिंता बन चुकी है. खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को कई बार बेहतर पढ़ाई और गाइडेंस के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है. ऐसे में 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान किया.
पीएम मोदी ने कहा कि कोचिंग का बढ़ता खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बड़ा बोझ बन गया है. सरकार का लक्ष्य देश के युवाओं तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन शिक्षा पहुंचाना है. ऐसे में आइए जानते हैं कि किन स्टूडेंट्स को फ्री ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी और क्या योग्यता जरूरी होनी चाहिए.
किन स्टूडेंट्स को फ्री ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी?
पीएम मोदी के ऐलान के मुताबिक, देश के युवाओं को अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. इसमें UPSC, NEET, JEE, SSC और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को फायदा मिलने की बात कही गई है. खासतौर पर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए यह पहल जरूरी बताई गई है, कोचिंग की फीस उनके परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ डालती है.
क्या योग्यता होनी जरूरी है?
अभी सरकार की ओर से फ्री ऑनलाइन कोचिंग के लिए कोई पात्रता नियम, आवेदन प्रक्रिया, उम्र सीमा या चयन प्रक्रिया जारी नहीं की गई है. यह साफ नहीं है कि छात्रों को किन डॉक्यूमेंट्स या शर्तों के आधार पर इस सुविधा का फायदा मिलेगा. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में मुख्य रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के युवाओं तक अच्छी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा पहुंचाने की बात कही है.
यह भी पढ़ें – Independence Day 2026 PM Modi Plan: एक करोड़ यूथ को कैसे मिलेगी AI ट्रेनिंग, क्या है पीएम मोदी का प्लान?
देशभर में बनेगा फ्री कोचिंग नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ बड़ी संख्या में शिक्षक और एजुकेटर मौजूद हैं. इन संसाधनों को जोड़कर देशभर में मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करने की बात कही गई है. इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवाओं को अच्छी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देना है.
कोचिंग फीस के बोझ से मिलेगी राहत
पीएम मोदी ने कहा कि कोचिंग की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कई मध्यम वर्गीय परिवारों को लगता है कि अगर वे बच्चों को कोचिंग नहीं भेजेंगे तो वे पीछे रह जाएंगे. सरकार का कहना है कि मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग के जरिए परिवारों पर पड़ने वाले इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम किया जा सकेगा. साथ ही छात्रों को पढ़ाई के लिए परिवार से दूर बड़े शहरों में जाने की जरूरत भी कम हो सकती है.
यह भी पढ़ें – RRB JE vacancy 2026- रेलवे में 3993 पदों पर भर्ती, शुरू हुए आवेदन
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI
