Car Dashboard Warning Lights: कार के डैशबोर्ड पर कई तरह की लाइट्स होती हैं, जिससे हमें ड्राइविंग के दौरान कार की स्थिति का पता चलता है. जैसे अगर पेट्रोल खत्म होने वाला है तो फ्यूल लाइट वार्निंग देती है, इसी तरह सीट बेल्ट न लगाने पर भी लाइट जलती है. इसी तरह डैशबोर्ड पर लगी अलग-अलग लाइट्स का काम कई तरह का होता है.
हालांकि, कुछ लाइट्स ऐसी होती हैं, जो अगर ब्लिंक करने लगें तो तुरंत कार रोक देनी चाहिए. ऐसा न करने पर इंजन खराब हो सकता है या फिर कोई बड़ा हादसा होने का खतरा भी रहता है. ऐसे में इसको समझना जरूरी है कि कौन सी लाइट जलते ही हर ड्राइवर को बिना नजरअंदाज किए तुरंत बचाव के लिए एक्शन लेना चाहिए. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी.
इंजन की लाल चेतावनी लाइट
कार के डैशबोर्ड पर अगर इंजन के आकार वाली लाल लाइट जल जाए, तो इसका मतलब है कि इंजन में कोई बड़ी खराबी आ गई है. यह लाइट कई कारणों से जल सकती है, जैसे ऑयल प्रेशर का कम होना या इंजन के किसी पुर्जे में खराबी आना. अगर ऑयल प्रेशर की लाइट जलती है तो इसका मतलब है कि इंजन में सही तरीके से तेल नहीं पहुंच रहा है. ऐसे में गाड़ी चलाते रहने से इंजन के अंदर के पुर्जे आपस में रगड़ खा सकते हैं और इंजन पूरी तरह से जाम हो सकता है, जो आपके सड़क हादसे का कारण बन सकता है. इस लाइट को देखते ही कार को तुरंत सुरक्षित जगह पर रोकना चाहिए और इंजन को बंद कर देना चाहिए.
यह लाइट पर भी होती है खतरे का संकेत
इसके अलावा डैशबोर्ड पर थर्मामीटर जैसी लाइट या टेंपरेचर गेज अगर लाल निशान पर पहुंच जाए, तो यह इस बात का संकेत है कि इंजन बहुत ज्यादा गरम हो गया है. ऐसा अक्सर तब होता है जब रेडिएटर में पानी कम हो जाए या कूलिंग सिस्टम में कोई खराबी आ जाए. इंजन के ज्यादा गरम होने पर गाड़ी चलाते रहना बहुत खतरनाक है, क्योंकि इससे इंजन का सिलेंडर हेड फट सकता है या इंजन में आग भी लग सकती है. जैसे ही यह चेतावनी दिखे, गाड़ी को तुरंत किसी सुरक्षित जगह पर रोक दें और इंजन बंद कर दें. इंजन को ठंडा होने का समय दें और उसके बाद ही आगे का रास्ता तय करें. अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो मैकेनिक को जाकर एक बार दिखा लें.
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ब्रेक और बैटरी की चेतावनी लाइट
इंजन के अलावा गाड़ी में ब्रेक सिस्टम और बैटरी चार्जिंग की लाइट भी बहुत जरूरी होती है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर ब्रेक की लाल वॉर्निंग लाइट जले तो इसका मतलब हो सकता है कि ब्रेक फ्लूइड कम है या ब्रेक सिस्टम में कोई खराबी है. ऐसी हालत में गाड़ी चलाना बहुत जोखिम भरा होता है, क्योंकि तेज रफ्तार में ब्रेक फेल होने का डर रहता है. इसी तरह बैटरी के आकार वाली लाइट अगर जले, तो इसका मतलब है कि गाड़ी की चार्जिंग सिस्टम में समस्या है और गाड़ी बीच रास्ते में बंद पड़ सकती है. ऐसे में जरूरी है कि आप गाड़ी चलाते समय रास्ते पर ध्यान देने के साथ-साथ गाड़ी के डैशबोर्ड पर भी ध्यान दें और उस इशारे को समझें जो गाड़ी आपको समझाना चाह रही हो, नजरअंदाज न करें. यही वजह है कि गाड़ी को हर 3 से 4 महीने में एक बार मैकेनिक के पास लेकर जाना चाहिए, जिससे कोई परेशानी आपके सामने अचानक न आए.
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