मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. राज्य के रीवा, सतना, पन्ना समेत कई जिलों में बाढ़ के हालात नजर आ रहे हैं. वहीं राज्य की प्रमुख नदियां मंदाकिनी और नर्मदा भी खतरे के निशान के पार बह रही है. बाढ़ के हालातों को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है. इस बीच प्रसाशन ने डिंडौरी और मैहर में स्कूली बच्चों की छुट्टी कर दी है.
जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध के 21 में से 13 गेट गुरुवार की दोपहर खोल दिए गए. ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया. राज्य के जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दोपहर 12 बजे 13 गेट खोले गए और करीब 4,000 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा गया. एक घन मीटर प्रति सेकंड (क्यूमेक) में 1,000 लीटर पानी का प्रवाह होता है.
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बरगी बांध से पानी छोड़ने से पहले जारी की चेतावनी
अधिकारियों के अनुसार बांध में पानी का स्तर बढ़ने से संभावित बाढ़ की स्थिति को रोकने और जलाशय की सुरक्षा के लिए पानी छोड़ा गया. उन्होंने बताया कि मंडला, डिंडोरी और अमरकंटक में हुई भारी बारिश के बाद बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा.
बरगी बांध के गेट खोलने से पहले अधिकारियों ने जबलपुर, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जिलों में सायरन बजाकर चेतावनी जारी की और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया. प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है. डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर जिलों में सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है. कई इलाकों में जलभराव हो गया है.
रीवा जिले में सबसे खराब हालात
सुरक्षा को देखते हुए मैहर और डिंडोरी में स्कूल बंद कर दिए गए हैं. डिंडोरी में आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद किए गए हैं. जिला प्रशासन अलर्ट पर है. रीवा जिले में हालात सबसे खराब हैं. शुक्रवार तक के आंकड़ों के मुताबिक 27 राहत शिविरों में करीब 3,000 लोगों को रखा गया है. अब तक बाढ़ में फंसे 4,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.
राजस्व अधिकारी, पुलिस और रेस्क्यू टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं.मऊगंज में अष्टभुजा नदी उफान पर है. नदी का पानी नैगढ़ी गांव तक पहुंच गया. अमृत योजना के तहत निर्माण कार्य कर रहे चार मजदूर फंस गए. इनमें से एक मजदूर तेज बहाव में बह गया.
डिंडोरी में खेरमेर नदी के बढ़ने से डिंडोरी-मंडला स्टेट हाईवे बंद करना पड़ा. पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. एहतियात के तौर पर 12वीं तक के सभी स्कूल बंद किए गए हैं. पन्ना में भी इसी तरह के कदम उठाए गए हैं.
चित्रकूट में बाजार तक पहुंचा मंदाकिनी नदी का पानी
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी वहां के बाजार तक पहुंच गया है. गोदावरी गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है.मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि मध्य प्रदेश में 25 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा. पूर्वी हिस्से में भारी बारिश की संभावना ज्यादा है. इसके बाद बारिश धीरे-धीरे मध्य और पश्चिम-मध्य हिस्सों में भी बढ़ेगी.
मध्य प्रदेश में अब तक बारिश का आंकड़ा
अब तक के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में 599 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 675.1 मिलीमीटर है. यानी कुल 11 प्रतिशत की कमी है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 प्रतिशत और पश्चिमी एमपी में 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इसकी वजह पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र और मॉनसून ट्रफ है.
उज्जैन में साल 2006 में सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई थी. इस बार अगस्त में 35 इंच बारिश हुई है. जबलपुर में 102 साल पहले 44 इंच पानी गिरा था. बारिश का 1923 का यह रिकॉर्ड अगस्त 2026 में टूट गया है. वहीं ग्वालियर में 24 घंटे के अंदर साढ़े 8 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड दर्ज था. यह रिकॉर्ड साल 1927 में बना था.
बात करें इंदौर की तो साल 1944 में जिले के अंदर 28 इंच पानी बरसा था. इंदौर में पिछले 10 साल के अंदर 17 इंच से ज्यादा बारिश दो बार बरस चुकी है. इस बार अगस्त में यह औसत 10 से 11 इंच है.
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