5 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में मार्च करने वाली है. इस पर शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि देश में लोकतंत्र है. लोकतंत्र में आंदोलन का महत्व होता है. आप (सरकार) युवाओं की ऊर्जा को कुचल नहीं सकते. आपने युवाओं से जो वादा किया है वो निभाना पड़ेगा. सरकार की तरफ से जिन मंत्रियों ने सीजेपी के नेताओं से बात की थी, अब उन मंत्रियों की जिम्मेदारी है कि वादे क्यों नहीं पूरे हुए. सीजेपी अगर वापस से आंदोलन खड़ा करना चाहती है तो हम उनका स्वागत करेंगे.
दरअसल, सीजेपी ने सोमवार (24 अगस्त) को ऐलान किया कि दिल्ली में 5 सितंबर को शांतिपूर्ण मार्च करेंगे. सीजेपी ने आरोप गया कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को किया गया वादा पूरा नहीं किया. ये मार्च इंडिया गेड से दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर तक होगा.
हिंदू धर्म के खिलाफ बात नहीं करते राहुल गांधी- राउत
वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े सवाल पर राउत ने कहा कि उन्होंने कभी ये नहीं देखा कि राहुल गांधी किसी एक धर्म की बात करते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि राहुल गांधी कभी हिंदू धर्म के खिलाफ बात नहीं करते हैं. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वो कभी इसी कांग्रेस पार्टी में काम करते थे. ये लोग राहुल गांधी से डरे हुए हैं. राहुल गांधी ने देश, युवाओं और महिलाओं के मुद्दे उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक ये सरकार देश के लोगों को सिर्फ गुमराह करती रही है.
‘राहुल गांधी आपकी पकड़ में नहीं आने वाले हैं’
संजय राउत ने आगे कहा, “किरेन रिजिजू संसदीय कार्यमंत्री जरूर हैं लेकिन इतने बड़े भी नेता नहीं हैं कि जो राहुल गांधी के ऊपर इस प्रकार की टिप्पणी करें. अब राहुल गांधी बहुत आगे निकल चुके हैं. मैं हमारे मित्र किरेन रिजिजू से कहूंगा कि राहुल गांधी बहुत आगे निकल चुके हैं और आपकी पकड़ में नहीं आने वाले हैं.”
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के ट्वीट पर शिवसेना UBT सांसद संजय राउत ने कहा, ”मैंने तो कभी नहीं देखा कि राहुल गांधी किसी एक धर्म की बात करते हैं और खासकर हिंदू धर्म के खिलाफ बात करते हैं… ये लोग राहुल गांधी से डरे हुए हैं और इतने डरे हुए हैं कि वो क्या बोल रहे… pic.twitter.com/dz6Rl0XgXm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 25, 2026
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस को राहुल गांधी की चिट्ठी पर उन्होंने कहा, “लगभग 20 दिन हो गए, पुणे में आदिवासी छात्र अनशन पर बैठे हैं. राहुल गांधी अगर ये मुद्दा नहीं उठाते जो छात्र वहां अनशन पर बैठे हैं वहां पर उनका किसी का ध्यान नहीं जाता. उसी आंदोलन में शामिल लड़कियों ने आकर राहुल गांधी के छात्रों की गूंज में आकर अपनी बात रखी. तब पूरे देश को पता चला कि महाराष्ट्र के आदिवासी बच्चों की स्थिति क्या है.”
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