बिहार से सटे नेपाल में बुधवार (26 अगस्त, 2026) की सुबह बाढ़ की तबाही दिखी. इस बीच बिहार में भी हाई अलर्ट जारी हो गया है. बुधवार को बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक हुई. इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित जिलों के डीएम और एसपी/एसएसपी भी शामिल हुए.
किस-किस जिले को सावधान रहने की जरूरत?
गंडक नदी से जुड़े जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए तैयारियां की जा रही हैं. बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए. इसके अतिरिक्त सीतामढ़ी, शिवहर एवं अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है.
सभी जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा स्थानीय समुदाय को समय पर अलर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं.
नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग एवं तनहुँ (गंडक कैचमेंट) तथा दोलखा एवं सिंधुपालचोक (कोसी कैचमेंट) में फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम पूर्वानुमानित है. वहीं कोसी, बागमती एवं गंडक कैचमेंट के कई अन्य क्षेत्रों में मध्यम जोखिम का पूर्वानुमान है.
यह भी पढ़ें- चिराग पासवान NDA में लेकिन रास्ते अलग! बोले- ‘मेरे मन में…’
गंडक बैराज एवं नहरों के संचालन के निर्देश
जल संसाधन विभाग द्वारा गंडक बैराज के सभी गेटों तथा उससे जुड़े नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए गए हैं. गोपालगंज के लिए एनडीआरएफ की एक टीम भेजने का निर्देश दिया गया है. एक टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा.
बेतिया में भी NDRF की टीम की तैनाती करने को कहा गया है. संबंधित जिलाधिकारियों को कम्यूनिटी किचन, शेल्टर, पर्याप्त नाव की व्यवस्था आदि से संबंधित निर्देश दिए गए हैं.
जिलाधिकारियों से हर दिन मीडिया को ब्रीफ करने को कहा गया है. आवश्यकतानुसार अतिरिक्त NDRF/SDRF टीमों, नावों, QRT तथा अन्य संसाधनों की तैनाती तत्काल की जाएगी. अफवाहों से बचने की भी अपील की गई है.
यह भी पढ़ें- अनंत सिंह का बड़ा बयान, JDU विधायक बोले- ‘हमको PM बनने का मन’
