बिहार के गोपालगंज में दर्दनाक हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई. घटना गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनही गोपाल गांव की है. बताया जा रहा है कि सेप्टिक टैंक में सटरिंग खोलने के दौरान एक मजदूर अंदर फंस गया. उसे बचाने के प्रयास में तीन अन्य मजदूर भी टैंक के अंदर चले गए. जहरीली गैस और दम घुटने के कारण चारों की मौत हो गई.
जानकारी के मुताबिक, सेप्टिक टैंक में सटरिंग खोलने का काम चल रहा था. इसी दौरान एक मजदूर टैंक के अंदर फंस गया. उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी भी बगैर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के अंदर चले गए. कुछ ही देर में चारों मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई. हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया.
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चारों मजदूरों के शव बाहर निकाले गए
घटना के बाद सेप्टिक टैंक से शवों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. अधिकारियों की निगरानी में सभी चारों मजदूरों के शव बाहर निकाल लिए गए. हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है. मृतकों की पहचान बंटी बैठा उर्फ राकेश, जावेद आलम उर्फ टीपू, उमेश यादव और शबे आलम के रूप में हुई है. हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया.
जहरीली गैस से मौत की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सेप्टिक टैंक के अंदर जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण मजदूरों की जान गई. सेप्टिक टैंक जैसे बंद स्थानों में जहरीली गैस बनने का खतरा रहता है. बिना सुरक्षा उपकरण और ऑक्सीजन की जांच के अंदर जाना जानलेवा साबित हो सकता है. हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि मजदूरों को काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरण और सावधानियां उपलब्ध कराई गई थीं या नहीं.
डीएम ने दिए जांच के आदेश
गोपालगंज के डीएम समीर सौरभ ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं. सदर एसडीएम डॉ. प्रेरणा सिंह के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है. टीम हादसे के कारणों के साथ-साथ मौके पर सुरक्षा मानकों की भी जांच करेगी. प्रशासन की ओर से घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. चार मजदूरों की मौत के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
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