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UCC-वंदेमातरम् पर AIMPLB का बड़ा ऐलान, ‘शरीयत बचाने के लिए हम…’


वंदे मातरम्, यूजीसी, शरिया कानून समेत कई मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (ALMPLB) आर पार के मूड में नजर आ रही है. सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, बोर्ड के पदाधिकारी और ALMPLB के उपाध्यक्ष अब्दुर रहीम मुजद्दिदी ने सेव इंडिया सेव शरिया कैंपेन का ऐलान किया. 

मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम बहुत जल्द सेव इंडिया, सेव शरिया अभियान शुरू करने जा रहे हैं. पिछले 12 सालों में मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है. कई राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया गया है. मदरसों और मस्जिदों को निशाना बनाया जा रहा है. इसके अलावा उन्होंने वंदे मातरम पर मुसलमानों को सीरियस ऑब्जेकशन है. उन्होंने कहा कि इस कैंपेन की शुरुआत 17 सितंबर को जंतर-मंतर पर पहला प्रोग्राम होगा.’ 

बोर्ड का कहना है कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता, धार्मिक स्वतंत्रता, जीवन और संपत्ति की सुरक्षा तथा सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ऐसी घटनाएं और नीतियां सामने आई हैं, जिनसे समाज के विभिन्न वर्गों में असुरक्षा और चिंता बढ़ी है. बोर्ड ने आरोप लगाया कि हिंसा, कानून से इतर कार्रवाई, धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों और कुछ अन्य कदमों ने संवैधानिक मूल्यों पर सवाल खड़े किए हैं. AIMPLB के अनुसार, यह आंदोलन केवल मुस्लिम समुदाय तक सीमित नहीं होगा. इसका उद्देश्य संविधान की सर्वोच्चता, लोकतांत्रिक व्यवस्था, न्याय, समानता, धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है. बोर्ड ने बुद्धिजीवियों, वकीलों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और नागरिक समाज से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की है.

 

अभियान के मुख्य मुद्दे

आंदोलन के दौरान संविधान और कानून की सर्वोच्चता की रक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. बोर्ड के अनुसार, भीड़ हिंसा और कानून से बाहर होने वाली कार्रवाइयों के खिलाफ जनमत तैयार किया जाएगा. इसके साथ ही घृणा, सांप्रदायिकता और हिंसा के विरुद्ध शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान का संदेश दिया जाएगा.

बोर्ड ने समान नागरिक संहिता (UCC) के कार्यान्वयन और वंदे मातरम् के अनिवार्य गायन जैसे मुद्दों को भी अभियान के प्रमुख विषयों में शामिल किया है. इसके अलावा, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े सवालों को भी उठाया जाएगा.

देशभर में होंगे कार्यक्रम

अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है. इसके तहत देश के प्रमुख शहरों में संवैधानिक और शांतिपूर्ण जनसभाएं तथा विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इनमें विभिन्न धर्मों, बुद्धिजीवी वर्गों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा. बोर्ड एक विस्तृत श्वेत पत्र भी जारी करेगा, जिसमें भेदभाव, संवैधानिक उल्लंघन और मानवाधिकारों से जुड़े मामलों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा. इसे मीडिया, सामाजिक संगठनों और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच साझा किया जाएगा. इसके अलावा, विभिन्न राज्यों में राज्यपालों और जिलों में जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को मांग पत्र सौंपे जाएंगे. आंदोलन से जुड़े कानूनी मुद्दों और नागरिक अधिकारों के संबंध में विस्तृत कानूनी मार्गदर्शिका भी जारी करने की योजना है.

सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा. AIMPLB ने कहा है कि आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संचालित होगा. अभियान के एक महत्वपूर्ण चरण में नई दिल्ली में बड़ी राष्ट्रीय सभा और जन प्रदर्शन आयोजित करने की भी तैयारी है, जिसमें आगे की रणनीति का ऐलान किया जाएगा.





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