भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाए जाने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. अगर आपका व्यापार लंबे समय से मंदा चल रहा है या लगातार घाटा हो रहा है, तो वास्तु शास्त्र के ये अचूक उपाय आपकी किस्मत बदल सकते हैं. जन्माष्टमी के पावन पर्व पर कान्हा की प्रिय 5 चीजों को घर, दुकान या ऑफिस में स्थापित करने से वास्तु दोष खत्म होते हैं और बिजनेस में दिन दोगुनी, रात चौगुनी तरक्की के रास्ते खुलते हैं.

लकड़ी या चांदी की बांसुरी, वास्तु शास्त्र में बांसुरी को व्यापारिक बाधाएं दूर करने वाला सबसे शक्तिशाली यंत्र माना गया है. जन्माष्टमी से पहले अपने कार्यस्थल (दुकान/ऑफिस) या घर के पूजा स्थल की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में बांसुरी रखें. इससे कार्यस्थल पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, नए क्लाइंट्स जुड़ते हैं और बिजनेस डील्स में आ रही अड़चनें तुरंत दूर होती हैं.

कामधेनु गाय और बछड़े की प्रतिमा, कामधेनु गाय स्थिरता और निरंतर लाभ का प्रतीक है. अपने ऑफिस के केबिन या दुकान के उत्तर या पूर्व भाग में बछड़े को दूध पिलाती कामधेनु गाय की पीतल या चांदी की छोटी प्रतिमा स्थापित करें. वास्तु के अनुसार, यह उपाय कारोबार में नकदी प्रवाह (Cash Flow) को मजबूत करता है और व्यापार को तेजी से विस्तार देने में मदद करता है.

मोरपंख, दुकान या ऑफिस में नजरदोष और प्रतिद्वंद्वियों की नकारात्मक ऊर्जा को काटने के लिए मोरपंख अचूक माना जाता है. इसे अपने गल्ले, कैश काउंटर या दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) दिशा में लगाएं. यह राहु के अशुभ प्रभाव को समाप्त करता है, जिससे ग्राहकों की आवाजाही बढ़ती है और ठप पड़ा कारोबार भी रफ्तार पकड़ लेता है.

चांदी की छोटी मटकी, कान्हा को माखन अति प्रिय है और चांदी का संबंध सीधे तौर पर मां लक्ष्मी से है. जन्माष्टमी पर माखन का भोग लगाने के लिए चांदी की छोटी मटकी लाएं. पूजा के बाद इस मटकी को अपनी तिजोरी, कैश बॉक्स या दुकान के उत्तर दिशा वाले लॉकर में रख दें. मान्यता है कि इससे तिजोरी कभी खाली नहीं रहती और भारी आर्थिक मुनाफा होता है.

वैजयंती माला, वैजयंती माला को सफलता और विजय का प्रतीक माना गया है. जन्माष्टमी के दिन यह माला लड्डू गोपाल को अर्पित करें और बाद में इसे अपने व्यापार स्थल के पूजा मंदिर या मुख्य बहीखाते के पास रख दें. इससे वित्तीय निर्णय सही साबित होते हैं, रुका हुआ धन वापस मिलता है और आय के नए-नए स्रोत बनने लगते हैं. जन्माष्टमी से पहले इन पवित्र वस्तुओं को शुभ मुहूर्त में स्थापित करने से व्यापारिक वास्तु दोष खत्म होते हैं और कारोबार में लगातार मुनाफा सुनिश्चित होता है.
Published at : 02 Sep 2026 10:01 AM (IST)
