राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के दौरान सीकर नगर परिषद में कांग्रेस को पहली जीत मिल गई है. वार्ड नंबर 65 से कांग्रेस प्रत्याशी माया देवी बिना मुकाबले ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दी गईं. माया देवी की निर्विरोध जीत न केवल कांग्रेस के लिए पहली खुशखबरी है, बल्कि स्थानीय स्तर पर महिला नेतृत्व और पारिवारिक राजनीति के नए समीकरणों की ओर भी इशारा करती है.
दरअसल, इस वार्ड से शुरुआत में चार उम्मीदवार, कांग्रेस की माया देवी, भाजपा की चूका देवी, भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी पिंकी पंवार और निर्दलीय सरिता ने नामांकन दाखिल किया था. नामांकन जांच के बाद चूका देवी का पर्चा खारिज हो गया, जिसके बाद भाजपा की आधिकारिक उम्मीदवार पिंकी पंवार और निर्दलीय सरिता दोनों ने अपना नामांकन वापस ले लिया. नतीजतन, मैदान में केवल माया देवी बचीं और उन्हें निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया.
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पारिवारिक राजनीति का रोचक पहलू
इस जीत के पीछे एक और दिलचस्प पारिवारिक कहानी भी है. पिछले चुनाव में इसी वार्ड क्षेत्र से पिंकी पंवार की सास सुगनी पार्षद रह चुकी हैं, और उससे पहले उनकी ननद रेशमा भी इस पद पर रह चुकी हैं. यानी एक ही परिवार से लगातार तीन बार प्रतिनिधित्व का सिलसिला चल रहा था, लेकिन इस बार नामांकन वापसी के बाद कांग्रेस को यह सीट बिना चुनाव लड़े मिल गई.
चुनावी तस्वीर और आगे की राह
सीकर नगर परिषद में कुल 65 वार्ड हैं, वार्ड नंबर 65 का निर्विरोध परिणाम आने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है. जबकि भाजपा के लिए यह एक झटका माना जा रहा है क्योंकि उसकी अधिकृत उम्मीदवार को नामांकन वापस लेना पड़ा.
नामांकन जांच और रणनीतिक वापसी के कारण कई वार्डों में मुकाबला रोचक हो चला है, सीकर में कुल 440 लोगों ने 65 वार्डों के लिए नामांकन किए थे, जिनमें से कुछ के पर्चे खारिज हुए और कुछ ने वापस ले लिए.
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