श्रावस्ती के जमुनहा तहसील क्षेत्र में मूसलाधार बारिश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जिसके चलते यहां के ग्राम पंचायत परसोहना के मजरा मनकौरा में सड़कें पानी से लबालब हो गई हैं. सरकारी स्कूल से लेकर रिहायशी इलाकों तक सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है. हालात इतने विकट हैं कि बच्चे जान हथेली पर रखकर स्कूल जाने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि दबंगों ने जल निकासी के मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है. जिसके चलते ये हालात बने हैं.
मामला जमुनहा तहसील के मजरा मनकौरा का हैं. जहां तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश ने विकराल रूप ले लिया है. मुख्य रास्तों पर नदी जैसा मंजर है और घरों के आगे जलभराव से लोग घरों में कैद होने को विवश हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जलनिकासी का जो स्वाभाविक रास्ता था, उसे इलाके के कुछ दबंगों ने जबरन पाटकर बंद कर दिया है. नतीजा यह कि पूरे गांव का पानी आबादी और खेतों में ही जमा हो गया है.
दबंगों ने बंद किया जल निकासी का रास्ता
हालात इतने ख़राब हैं कि घरों, सड़कों से लेकर गांव का सरकारी स्कूल भी चारों तरफ़ पानी से घिर चुका है. बच्चे हर दिन जान जोखिम में डालकर, गंदे और गहरे पानी से गुजरते हुए स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं. जरा सी चूक किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है. लेकिन, जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर खतरे से बेपरवाह बने हुए हैं. सिर्फ आबादी और स्कूल ही नहीं, बल्कि किसानों की कमर भी इस जलभराव ने पूरी तरह तोड़ दी है.
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गांव से सटे सैकड़ों बीघा उपजाऊ खेत इस वक्त जलमग्न हैं. किसानों ने खून-पसीना एक करके धान की जो फसल लगाई थी, वह पानी में समाहित होकर सड़ने की कगार पर पहुंच चुकी है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने तहसील प्रशासन से लेकर आला अधिकारियों तक गुहार लगाई. लेकिन, आज तक मौके पर कोई सुध लेने नहीं पहुंचा. दबंगों की इस मनमानी का खामियाजा पूरा गांव भुगत रहा है.
पानी में घुसकर जाने के मजबूर बच्चे
ग्रामीण ने कहा “हमारे छोटे-छोटे बच्चे इसी सरकारी स्कूल में पढ़ने जाते हैं. लेकिन स्कूल के चारों तरफ घुटनों से ऊपर तक गंदा पानी भरा हुआ है. बच्चों को पानी में से होकर निकलना पड़ता है, हमेशा डर बना रहता है कि कहीं कोई बच्चा गहरे गड्ढे में न फिसल जाए या पानी में कोई कीड़ा-सांप न काट ले. जब तक पानी निकासी का कोई पक्का इंतजाम नहीं होता, तब तक यहां के हालात ठीक नहीं होंगे.
स्कूली बच्चे ही नहीं शिक्षकों को भी इसी पानी से होकर स्कूल आना पड़ रहा है. जलभराव के चलते पढ़ाई का माहौल पूरी तरह प्रभावित है. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए हमने विभाग और उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया है. प्रशासन से हमारी यही अपील है कि तत्काल हस्तक्षेप कर जलनिकासी का रास्ता साफ कराया जाए ताकि नौनिहालों की जान पर मंडरा रहा खतरा टल सके बच्चों को स्कूल भेजना बन्द कर दिया है स्कूल में बच्चों की संख्या कम हुई है.
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