उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हर गुजरते पल के साथ बाढ़ की वजह से हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं. 3 सितंबर को जिला प्रशासन की तरफ से मिली रिपोर्ट के अनुसार हजारों लोग वरुणा तटवर्ती क्षेत्र में आए बाढ़ की वजह से विस्थापित हुए हैं. इसके अलावा गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि की वजह से बाढ़ का संकट और गहराता जा रहा है.
वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रही हैं , जिसकी वजह से वरुणा नदी भी उफान पर है. सबसे ज्यादा वरुणा तटवर्ती क्षेत्र में लोग बाढ़ की चपेट में है. प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में 3800 से ज्यादा लोग बाढ़ की वजह से विस्थापित हुए हैं. गंगा घाट पर होने वाले शवदाह से लेकर दैनिक कार्य सभी प्रभावित हैं. विशेष तौर पर गंगा घाट की तरफ आने जाने वाले लोगों का आम जनजीवन प्रभावित है.
यह भी पढ़ें: ‘पाकिस्तान से अब कभी वापस नहीं आऊंगी इंडिया…’, अब पुलिस ने दी चेतावनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और महापौर अशोक तिवारी से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बारे में जानकारी ली. इसके अलावा उन्होंने प्रभावित लोगों को तत्काल हर संभव मदद पहुंचाने का भी निर्देश दिया. महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बारे में उनसे ज्यादा जानकारी है और उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को सामंजस बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में काम करने का निर्देश दिया है.
बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
वाराणसी में लगातार गंगा में पानी बढ़ रहा है, केन्द्रीय जल आयोग के मुताबिक, गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर है, जबकि नदी 70.28 मीटर पर बह रही है. इसी तरह खतरे का निशान 71.26 मीटर पर है. जलस्तर प्रति घंटा 2 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है. स्थानीय अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं और निचले इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है. गंगा किनारे के रास्तों पर पुलिस बढ़ा दी गयी है लोगों को तट के पास जाने की अब मनाही है.
यह भी पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट का बदलेगा कामकाज? नए CEO और ट्रेजरर ने समझाया सिस्टम
