दिल्ली नगर निगम की 20 तदर्थ, विशेष और वैधानिक समितियों के गठन की प्रक्रिया पूरी हो गई है, लेकिन इसके साथ ही अनुसूचित जाति कल्याण मामलों की समिति को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया. गुरुवार को समिति के पदाधिकारियों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ, जिसके कुछ देर बाद आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निगम मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. विवाद बढ़ने पर मामला महापौर कार्यालय तक पहुंच गया.
सदन का कार्यकाल खत्म होने से पहले पूरी हुई लंबित कवायद
एमसीडी के मौजूदा सदन का पांच साल का कार्यकाल अगले साल दिसंबर में समाप्त होना है. इसके बावजूद कई समितियों का गठन लंबे समय से लंबित था. अब जाकर 20 तदर्थ, विशेष और वैधानिक समितियों की प्रक्रिया पूरी हुई है. इनमें 10 समितियों का चुनाव गुरुवार को कराया गया, जबकि बाकी समितियों की प्रक्रिया पहले पूरी की जा चुकी थी.
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SC समिति में विकास टांक और ममता निर्विरोध चुने गए
अनुसूचित जाति कल्याण मामलों की समिति में विकास टांक को चेयरमैन और ममता को डिप्टी चेयरमैन चुना गया. खेल समिति के लिए इंद्रजीत सहरावत का चुनाव एक दिन पहले बुधवार को हो चुका था. इन दोनों समितियों की चुनाव प्रक्रिया पिछले साल हंगामे के कारण पूरी नहीं हो पाई थी.
चुनाव हुआ खत्म लेकिन विवाद शुरू
गुरुवार को SC कल्याण समिति के चुनाव के लिए दोपहर तीन बजे का समय निर्धारित था. निगम अधिकारी और भाजपा पार्षद तय समय पर मौजूद थे. निर्विरोध चुनाव होने के कारण मतदान की जरूरत नहीं पड़ी और पीठासीन अधिकारी ने कुछ ही मिनट में दोनों पदों पर निर्वाचन की घोषणा कर दी. बैठक समाप्त होने के बाद आम आदमी पार्टी के पार्षद वहां पहुंचे और पूरी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई.
AAP ने निगम मुख्यालय में किया प्रदर्शन
चुनाव में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए आप पार्षदों ने निगम मुख्यालय में विरोध जताया. प्रदर्शन के दौरान पार्षद महापौर प्रवेश वाही के कार्यालय तक पहुंच गए. महापौर कार्यालय का गेट सुरक्षा कारणों से बंद किए जाने के बाद पार्षदों पर उसे तोड़कर भीतर प्रवेश करने का आरोप लगाया गया. इसके बाद कार्यालय में नारेबाजी और हंगामा हुआ.
महापौर ने लगाया कार्यालय में नुकसान पहुंचाने का आरोप
महापौर प्रवेश वाही ने आरोप लगाया कि आप पार्षदों के प्रदर्शन के दौरान उनके कार्यालय के दरवाजों और कुर्सियों को नुकसान पहुंचाया गया. उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की किए जाने का भी दावा किया. महापौर के मुताबिक, उन्होंने आप पार्षदों की बात सुनने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया.
प्रवेश वाही ने आरोप लगाया कि महिला उप महापौर के सामने आप पार्षदों ने कपड़े उतारने का प्रयास किया. उन्होंने इस घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता.
AAP ने सदस्य संख्या घटाने को बनाया मुख्य मुद्दा
दूसरी ओर, आप के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने पूरे मामले को समिति में प्रतिनिधित्व से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति और जनजाति कल्याण समिति में दलित सदस्यों की संख्या 35 से घटाकर 21 कर दी गई है. उनका दावा है कि यह बदलाव समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा के सदस्यों को स्थापित करने के मकसद से किया गया.
चुनाव रोकने के लिए पत्र भेजने का दावा
अंकुश नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सदस्यों की संख्या कम किए जाने को लेकर एमसीडी को पहले ही पत्र भेजा था. उन्होंने निगम से चुनाव स्थगित करने की मांग भी की थी. हालांकि, इस आपत्ति के बावजूद चुनाव तय कार्यक्रम के मुताबिक कराया गया और दोनों पदों पर निर्वाचन की घोषणा कर दी गई.
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