दिल्ली स्थित सत्य निकेतन इमारत गिरने के हादसे में 1 शख्स की मौत हो गई है. वहीं 3 छात्र घायल बताए जा रहे हैं. चश्मदीदों के अनुसार जो इमारत गिरी है उसमें 40-45 बच्चे थे. चश्मदीद के अनुसार 30-35 छात्र अभी फंसे हो सकते हैं.
चश्मदीदों के मुताबिक आज छुट्टी थी इसलिए बिल्डिंग में बच्चे ज्यादा रहे होंगे. रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं. यह इमारत मोतीबाग इलाके में सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास गिरी है.
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5 मंजिला इमारत में 50 लोगों के दबने की आशंका
बता दें कि 5 मंजिला इमारत के गिरने से 50 छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई रही है. घटनास्थल पर फायर डिपार्टमेंट, दिल्ली पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौजूद है. साथ ही घटनास्थल पर स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ बचाव कार्य में योगदान दे रहे हैं.
घटनास्थल पर जेसीबी मशीन द्वारा मलबे को हटाया जा रहा है. छात्रों के दबे होने की आशंका है इसकी संख्या के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता. इस इमारत के पास में दिल्ली यूनिवर्सिटी का साउथ कैंपस है. इसमें दूर-दराज से छात्र पढ़ने के लिए आते हैं.
पुलिस ने की इलाके की घेराबंदी
पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गईं और इलाके की घेराबंदी कर दी गई. आपातकालीन कर्मियों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश और बचाव अभियान शुरू कर दिया है.स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने तत्काल बचाव कार्य में मदद शुरू कर दी और मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए हाथों और उपलब्ध उपकरणों की मदद से मलबा हटाया.
डीएफएस के अनुसार, दमकलकर्मियों ने मलबे से कुछ लोगों को बाहर निकाला और उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया.हालांकि, मलबे में फंसे, बचाए गए या घायल लोगों की संख्या के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ढही इमारत की प्रकृति को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है.
कुछ स्थानीय लोगों ने इसे मकान बताया, जबकि कुछ अन्य के अनुसार इसका इस्तेमाल छात्रावास के रूप में किया जा रहा था. मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने आशंका जताई कि मलबे में 15 से अधिक लोग फंसे हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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