दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के ढहने की घटना को लेकर देश में राजनीति गरमाई हुई है. विपक्ष इसे लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार पर हमलावर है. इस बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के दिमागी Alumnus छात्रों की दुखद मौतों के बारे में आवाज क्यों नहीं उठाते. उन्होंने पूछा कि पेरिस के एक मंदिर का उद्घाटन करने को इससे ज्यादा अहमियत क्यों दी जाती है?
महुआ ने क्यों किया पेरिस के मंदिर का जिक्र?
हाल ही में पेरिस में बने बीएपीएस (BAPS) स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया. उन्होंने कहा कि यह भव्य स्वामीनारायण मंदिर भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है. पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें ऐसे धार्मिक अवसरों से जुड़ने का निरंतर अवसर मिलता रहता है. इसी वजह से महुआ मोइत्रा ने पेरिस के मंदिर का जिक्र किया.
सत्य निकेतन हादसे में 7 की मौत
सत्य निकेतन इलाके में हुए हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वाले अधिकतर छात्र बताए गए हैं, जो दूरदराज से अपनी जिंदगी और परिवार की स्थिति को बदलने का ख्वाब लेकर दिल्ली आए थे. दिल्ली में इमारत गिरने की यह कोई अकेली घटना नहीं है. बीते दो वर्षों में रोहिणी, साकेत, वेलकम, करोल बाग, पहाड़गंज और मुस्तफाबाद के अलावा दिल्ली के कई अन्य इलाकों में इमारत गिरने की घटनाएं हुईं. इस साल मई में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक पांच मंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हुई, जबकि जुलाई में रोहिणी सेक्टर-16 में ऐसी ही घटना में तीन मजदूर मलबे में दबकर मर गए.
दिल्ली हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया
इस मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र, MCD, पुलिस, DU और NHRC को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने डीयू से बाहर से आने वाले कितने स्टूडेंट्स उसके कॉलेजों में पढ़ते हैं और यूनिवर्सिटी या कॉलेजों की ओर से कितने हॉस्टल चलाए जा रहे हैं, इसका डेटा मांगा है. मामले में अगली सुनवाई 25 तारीख को होगी.
