पाकिस्तान क्रिकेट टीम इन दिनों बाबर आजम की कप्तानी में इंग्लैंड दौरे पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है. शुरुआती दो मैचों में टीम को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी. लॉर्ड्स में हुए दूसरे मैच के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कई सख्त फैसले लिए, जिसमें 7 खिलाड़ियों व 2 कोच को वापस भेजना और खिलाड़ियों का मोबाइल जब्त करना शामिल था.
पहले इन तमाम बदलावों को टीम के खराब प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन अब सामने आई रिपोर्ट में बताया गया कि यह उससे कहीं बढ़कर है. इसी के साथ एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट में फिक्सिंग की आहट हुई है. सोमवार (07 सितंबर) को बोर्ड के मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशन डायरेक्टर आमिर मीर ने एक बयान जारी किया. इस बयान में उन्होंने बताया कि PCB ने एक आंतरिक जांच शुरू की है.
आमिर मीर ने लिखा, “अनुशासन और व्यवहार से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू की है, जिसका अभी इंटरनल रिव्यू किया जा रहा है. PCB इस तरह के मामलों को अपनी मानक प्रक्रियाओं के अनुसार संभालता है. यह प्रोसेस PCB के नियमों के तहत किया जा रहा है, जिससे यह पक्का किया जा सके कि सभी संबंधित व्यक्तियों पर उचित ध्यान दिया जाए.”
The Pakistan Cricket Board has initiated an internal disciplinary inquiry following media reports concerning discipline and conduct, which are currently being reviewed internally. The PCB handles such matters in accordance with its standard procedures. The process is being…
— Amir Mir (@AmirMirpcb) September 7, 2026
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उन्होंने आगे लिखा, “इस समय कुछ प्लेटफॉर्म पर फैल रही किसी भी अटकलबाजी वाली रिपोर्ट या बगैर वेरिफाई किए गए दावों को, खासकर जो बाहरी विरोधी स्रोतों से आ रहे हों, उन्हें विश्वसनीय नहीं माना जाना चाहिए. पाकिस्तान बोर्ड इस समय और कोई कमेंट नहीं करेगा. बोर्ड स्टेकहोल्डर्स और आम जनता को सलाह देता है कि वे PCB की आधिकारिक जानकारी पर ही यकीन करें.”
गौर करने वाली बात यह है कि बोर्ड की तरफ से यह नहीं बताया गया कि जांच किस मामले पर चल रही है. एक रिपोर्ट में खिलाड़ियों के मोबाइल जब्त होने की बात कही गई थी. हालांकि यह साफ नहीं हो सका कि किन-किन खिलाड़ियों का मोबाइल बोर्ड ने जमा किया है. इस तमाम घटनाओं को जोड़कर एक बार फिर 2010 की याद आ रही है, जब पाकिस्तान टीम में स्पॉट फिक्सिंग का मामला सामने आया था. उस वक्त के कप्तान सलमान बट, तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ ने जान-बूझकर नो-बॉल फेंकने के बदले एक बुकी से पैसे लेने का दोषी पाया गया था. तीनों खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा था और जेल की सजा भी हुई थी.
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