Headlines

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 7 की मौत, NDRF ने कहा- रेस्क्यू ऑपरेशन में लग सकता है पूरा दिन


दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी इलाके सत्य निकेतन में रविवार को गिरी इमारत के मलबे से एक और व्यक्ति को बाहर निकाले जाने के बाद हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है. यह इमारत दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास स्थित थी और इसमें लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट यानी PG आवास चल रहा था. हादसा रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उस समय हुआ, जब इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था.

घटना के बाद दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) समेत कई एजेंसियां लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं. सोमवार को दूसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा. एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या के बारे में अभी कोई निश्चित जानकारी नहीं है.

NDRF की दो टीमें रेस्क्यू में जुटीं

एनडीआरएफ के आईजी एन.एस. बुंदेला ने बताया कि NDRF की दो टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं. उन्होंने कहा कि अब तक 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है. इनमें से सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि एक और व्यक्ति के मलबे में फंसे होने की पहचान हुई है और टीम उसे बाहर निकालने की कोशिश कर रही है. बुंदेला के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा होने में सोमवार का पूरा दिन लग सकता है और अभियान देर रात तक भी जारी रह सकता है.

दिल्ली पुलिस और प्रशासन का भी मिल रहा सहयोग

एनडीआरएफ आईजी ने कहा कि उनकी टीमें दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं. इसके अलावा दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का भी सहयोग मिल रहा है. उन्होंने इसे सभी एजेंसियों का संयुक्त प्रयास बताया. बुंदेला ने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही मामले को देख रही है और दिल्ली सरकार भी स्थिति का आकलन कर रही है. हालांकि, उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने का सटीक समय बताने से इनकार करते हुए कहा कि मलबा हटाने और उसके अंदर फंसे लोगों का पता लगाने में काफी समय लग सकता है.

डॉग स्क्वाड से भी की जा रही जिंदगी की तलाश

एनडीआरएफ आईजी ने बताया कि मलबे में किसी व्यक्ति के जिंदा होने का पता लगाने के लिए डॉग स्क्वाड का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रशिक्षित कुत्तों की मदद से मलबे के अंदर जीवन के संकेत तलाशे जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाओं में एनडीआरएफ की टीमें अलग-अलग तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल करती हैं. इमारत को स्थिर रखने के लिए शोरिंग उपकरण, मलबे के अंदर जीवित लोगों का पता लगाने के लिए खोज और डिटेक्शन उपकरण और मलबे को काटने व तोड़ने के लिए तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

यह भी पढ़िएः गोवा दौरे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, BJP क्या कर रही प्लानिंग?

अब तक 12 लोग मलबे से निकाले गए

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, तलाश अभियान के दौरान मलबे से एक और व्यक्ति को निकाला गया था. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. इसके बाद हादसे में मरने वालों की संख्या सात हो गई. इससे पहले एम्स ने बताया था कि सत्य निकेतन हादसे के बाद 11 लोगों को जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया था. इनमें पांच लोगों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था. एक अन्य व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था. एम्स के मुताबिक, तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा था. एक व्यक्ति के एक अंग की सर्जरी की गई थी, जबकि मामूली रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति को निगरानी में रखने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी.

MCD के उपायुक्त और चार इंजीनियर निलंबित

हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी कार्रवाई की है. एमसीडी के दक्षिणी जोन के उपायुक्त और चार इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई इमारत गिरने की घटना के बाद की गई है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी सोमवार को लगातार दूसरे दिन घटनास्थल पर पहुंचीं और वहां चल रहे राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया.

इमारत मालिक के खिलाफ लुकआउट नोटिस

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरि राम के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. पुलिस ने हरि राम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

मरम्मत के दौरान ढह गई थी इमारत

यह इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत का काम चलने के दौरान अचानक ढह गई थी. इमारत का इस्तेमाल लड़कों के PG आवास के तौर पर किया जा रहा था. हादसे के बाद से ही मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है. एनडीआरएफ आईजी एन.एस. बुंदेला ने कहा कि टीम पूरी सावधानी और तकनीकी संसाधनों के साथ काम कर रही है. उन्होंने साफ किया कि मलबा हटाने और अंदर फंसे लोगों का पता लगाने की प्रक्रिया लंबी हो सकती है, इसलिए रेस्क्यू अभियान में पूरा दिन लगने की संभावना है. वहीं, सभी संबंधित एजेंसियां लगातार मौके पर मौजूद रहकर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं.

(पीटीआई इनपुट के साथ)

 

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *