तेलंगाना विधानसभा में सोमवार (7 सितंबर) को एक चौंकाने वाला सियासी बवाल खड़ा हो गया. सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान BRS MLC थाथा मधु की ओर से स्पीकर के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी किए जाने के बाद सदन में स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए. यह विवाद मॉनसून सत्र के पहले दिन तब शुरू हुआ जब BRS नेताओं को कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लिखी काली टी-शर्ट पहनने के कारण पुलिस ने विधानसभा गेट पर रोक दिया.
मंत्री सीताक्का ने की निंदा
खबरों के अनुसार, MLC ने कहा कि BRS प्रमुख के. चंद्रशेखर राव विधानसभा में इसलिए नहीं आए क्योंकि वह दलित समुदाय से आने वाले स्पीकर को ‘सर’ कहकर संबोधित नहीं करना चाहते थे. सदन में माहौल तब भावुक हो गया जब मंत्री सीताक्का ने इन टिप्पणियों की निंदा की. उन्होंने स्पीकर की दिवंगत माँ के साथ अपने संबंधों को याद किया और संवैधानिक पद पर बैठे दलित का अपमान करने वालों की गरिमा पर सवाल उठाए.
भावुक हुए स्पीकर
बोलते समय, काफी परेशान दिख रहे स्पीकर अपनी कुर्सी पर ही भावुक हो गए और अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए. सीताक्का ने मांग की कि BRS नेता अपनी ‘वर्चस्व की विचारधारा’ को छोड़ें और ईमानदारी से माफी मांगें. साथ ही, उन्होंने MLC के खिलाफ SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की भी मांग की.
#WATCH | Hyderabad, Telangana: State Assembly Speaker Gaddam Prasad became emotional and broke down in the House following allegations of verbal abuse by a leader of the Bharat Rashtra Samithi (BRS).
(Video Source: I&PR Telangana) pic.twitter.com/vei9s0kQiq
— ANI (@ANI) September 7, 2026
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CM ने घटना को ‘तेलंगाना के लिए काला दिन’ बताया
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने तीखा हमला करते हुए इस घटना को ‘तेलंगाना के लिए काला दिन’ और राज्य के चार करोड़ लोगों का अपमान बताया. उन्होंने मांग की कि KCR बिना शर्त माफी मांगें और MLC की सदस्यता खत्म की जाए. दलितों से किए गए BRS के अधूरे वादों – जैसे दलित मुख्यमंत्री बनाना और तीन एकड़ जमीन देना – को याद करते हुए रेड्डी ने पार्टी पर “दलित-विरोधी मानसिकता” का आरोप लगाया. BJP और AIMIM सहित सभी पार्टियों के मंत्रियों और विधायकों ने एकजुटता दिखाने के लिए स्पीकर के कक्ष का दौरा किया, जबकि हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
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