साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने से 7 लोगों की मौत हो चुकी है. हादसे के कई घंटों बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और अभी भी मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. यह इमारत मोतीबाग इलाके में सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास गिरी. इस इमारत के पीजी में कॉलेज और कोचिंग वाले वाले छात्र रहते थे. बिल्डिंग की कैपेसिटी करीब 150 लोगों की थी.
इमारत गिरने के बाद छात्रों के मलबे में फंसे होने की जानकारी सामने आ रही है. स्थानीय विधायक के मुताबिक छात्रों के अंदर फंसे होने को लेकर फोन आ रहे हैं. फिलहाल घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य जारी है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी टीम को घटनास्थल पर भेजा है.
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घटनास्थल पर सूचना के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड
अधिकारियों ने बताया कि दोपहर 1:50 बजे स्टेशन ऑफिसर (एसटीओ) नरेंद्र घटनास्थल पर पहुंचे और सूचना दी कि एक इमारत गिर गई है और कुछ लोग उसके नीचे फंसे हुए हैं. उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग की.
इसके बाद, एक एसडब्ल्यूटी, एक बिग फायर टेंडर (बीएफटी), एक ऑफिसर-इन-चार्ज, डीओ मुकेश वर्मा और एसटीओ मनोज को घटनास्थल पर भेजा गया. घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है.दिल्ली पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है. फंसे हुए लोगों की संख्या की पुष्टि बाद में की जाएगी.
अधिकारियों ने बताया कि पिछले महीने इसी तरह की एक घटना में करोलबाग इलाके में एक दोमंजिला इमारत को गिराए जाने के दौरान उसके ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन लोग घायल हो गए थे.शुरुआती जांच के अनुसार, इमारत को मालिकों द्वारा नियुक्त एक निजी ठेकेदार द्वारा गिराया जा रहा था.
इमारत गिराने के दौरान ढही
अधिकारियों ने बताया कि संबंधित एजेंसी से इमारत गिराने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी. इमारत गिराने के काम के दौरान अचानक ढह गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में फंस गए थे.अधिकारियों के अनुसार, इस घटना की सूचना सुबह करीब 11:15 बजे करोलबाग पुलिस स्टेशन को इलाके के रेगरपुरा स्थित प्यारे लाल रोड से मिली थी. सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया था. पुलिस ने बताया कि घटना में चार मजदूर घायल हो गए थे.
