प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि मुश्किल समय में भारत पर भरोसा बढ़ा है. दुनिया कॉन्फिलिक्ट और अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है. दुनिया में तेल को लेकर तनाव बना हुआ है. इसमें भी भारत 7.8 विकास दर से ग्रो करता है. ये भरोसा आपके चेहरे पर दिखता है.
उन्होंने कहा, ‘फिनटेक की चर्चा होगी तो वो UPI के बिना अधूरी होगी. UPI ने अभी 25 अगस्त को 10 साल पूरे किये हैं, में कहता था की आपका बैंक आपके फिंगर पॉइंट पर होगा. तब कुछ लोगों को ये असंभव लगता था. UPI अब भारत तक ही सीमित नहीं , भारत का UPI अब दुनिया के 11 देशो में भी चलता है.’
भारत 7.8 प्रतिशत से ग्रो कर रहा है: नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में संबोधित करते हुए कहा, ‘मुश्किल समय में भारत पर भरोसा बढ़ा है. दुनिया conflict और uncertenity के दौर से गुजर रही है. दुनिया में तेल को लेकर तनाव हुआ. इसमें भी भारत 7.8 विकास दर से ग्रो करता है. ये भरोसा आपके चेहरे पर दिखता है. फिनटेक की चर्चा होगी तो वो UPI के बिना अधूरी होगी. UPI ने अभी 25 अगस्त को 10 साल पूरे किये हैं, में कहता था की आपका बैंक आपके फिंगर पॉइंट पर होगा. तब कुछ लोगों को ये असंभव लगता था. UPI अब भारत तक ही सीमित नहीं , भारत का UPI अब दुनिया के 11 देशो में भी चलता है.’
India is taking its fintech journey to new heights, with innovation and inclusion at its core. Addressing the Global Fintech Fest 2026 in Mumbai. https://t.co/pMhokoCBjG
— Narendra Modi (@narendramodi) September 8, 2026
यूपीआई अब भारत तक सीमित नहीं: नरेंद्र मोदी
इसके अलावा पीएम ने कहा, ‘ UPI अब भारत तक ही सीमित नहीं , भारत का UPI अब दुनिया के 11 देशो में चालू है. मुझे पॉलिसी और गवर्नेंस से जुड़े होने के 25 वर्ष पूरे हो गए है, मोदी एक पड़ाव पर पहुँच कर जश्न मनाने वालों में से नहीं है. मुझे खुशी है कि आज यहां एक और हैट्रिक लगी है. एक हैट्रिक 2024 में तीसरी बार सरकार बनने से लगी थी और यह हैट्रिक आप सभी के बीच आने से जुड़ी है. ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में लगातार यह मेरा तीसरा साल है.’
उन्होंने कहा, ‘यह हैट्रिक बताती है कि विकसित भारत के लिए आप कितने महत्वपूर्ण हैं. आपका काम कितना महत्वपूर्ण है, हर बार जब मैं यहां आता हूं तो मुझे पहले से ज्यादा युवा दिखाई देते हैं. पहले से ज्यादा एनर्जी अनुभव होती है. मुझे संभावनाओं का दायरा बढ़ता दिखता है. यह साफ-साफ लगता है कि जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ रही है. सपने और बोल्ड हो रहे हैं और इसलिए विकसित भारत के भविष्य को लेकर मेरा विश्वास और मजबूत हो रहा है.’
