How To Roast Baingan For Bharwa Baingan: भरवां बैंगन का नाम सुनते ही मुंह में मसालेदार और चटपटे स्वाद का ख्याल आने लगता है. बैंगन में मसाला भरकर पकाने का तरीका तो ज्यादातर लोग जानते हैं, लेकिन इसका असली स्वाद काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि बैंगन को भरावन से पहले किस तरह तैयार किया गया है. अगर बैंगन को सीधे मसाला भरकर पका दिया जाए, तो उसमें वह खास स्वाद और खुशबू नहीं आ पाती जो अच्छी तरह भुने बैंगन से आती है.
भरावन के लिए बैंगन को पहले हल्का भूनने से उसका स्वाद गहरा हो जाता है और उसमें हल्की सी स्मोकी खुशबू भी आ सकती है. हालांकि, इसे भूनते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है. अगर बैंगन बाहर से जल जाए लेकिन अंदर से कच्चा रह जाए, तो भरवां बैंगन का स्वाद बिगड़ सकता है. इसलिए भूनने का सही तरीका जानना जरूरी है.
बैंगन को भूनने से पहले करें ये तैयारी
सबसे पहले ताजे और बिना ज्यादा दाग वाले बैंगन चुनें. उन्हें पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कपड़े से पूरी तरह सुखा लें. बैंगन की सतह पर पानी रह जाने से भूनते समय तेल या गर्म सतह पर छींटे पड़ सकते हैं. अब बैंगन की त्वचा पर चाकू या कांटे की मदद से कुछ छोटे-छोटे छेद कर दें. इससे अंदर बनने वाली भाप को बाहर निकलने का रास्ता मिलता है और बैंगन के फटने का खतरा कम होता है. इसके बाद बैंगन के ऊपर हल्का सा तेल या घी लगा सकते हैं. इससे बाहरी हिस्सा अच्छी तरह सिकने में मदद करता है और बाद में छिलका निकालना भी आसान हो सकता है.
गैस पर बैंगन भूनने का सही तरीका
अगर आप भरवां बैंगन में ज्यादा अच्छी खुशबू चाहते हैं, तो गैस की सीधी आंच पर भूनना अच्छा विकल्प हो सकता है. बैंगन को मध्यम आंच पर रखें और कुछ-कुछ देर में उसे घुमाते रहें. ध्यान रखें कि बैंगन का हर हिस्सा आंच के संपर्क में आए. धीरे-धीरे उसकी त्वचा काली और सिकुड़ी हुई नजर आने लगेगी. सिर्फ ऊपर का छिलका काला होना काफी नहीं है. अंदर का हिस्सा भी नरम होना चाहिए. बैंगन को बीच-बीच में पलटते रहें ताकि वह एक तरफ से ज्यादा न जले. जब चाकू या कांटा बैंगन के अंदर आसानी से चला जाए, तो समझें कि वह अच्छी तरह भुन चुका है.
ओवन में भूनना हो तो ऐसे करें
अगर गैस पर बैंगन भूनना सुविधाजनक नहीं है, तो ओवन का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए ओवन को करीब 200 डिग्री सेल्सियस पर पहले से गर्म कर लें. बैंगन को बेकिंग ट्रे पर रखें और करीब 35 से 45 मिनट तक भूनें. बीच में एक-दो बार उसे पलट दें, ताकि वह चारों तरफ से समान रूप से पक सके. बैंगन के नरम होने और त्वचा के सिकुड़ने के बाद उसे बाहर निकाल लें.

भुने बैंगन को तुरंत न भरें
बैंगन को भूनने के बाद थोड़ी देर ठंडा होने दें. गर्म बैंगन का छिलका निकालते समय हाथ जलने का खतरा रहता है. ठंडा होने के बाद जली हुई बाहरी त्वचा को सावधानी से हटा दें. इसके बाद बैंगन को ध्यान से खोलकर देखें. भरावन डालने से पहले अंदर किसी तरह के कीड़े या खराब हिस्सा तो नहीं है, यह जरूर जांच लें. खासकर अगर बैंगन घर के बगीचे या खुले बाजार से लिया गया है, तो इस जांच को नजरअंदाज न करें.
स्वाद बढ़ाने के लिए लें स्मोकी फ्लेवर
अगर आपको भरवां बैंगन में हल्का स्मोकी स्वाद पसंद है, तो भूनने के बाद उसे कुछ मिनट के लिए ढककर रख सकते हैं. इससे उसकी गर्माहट और भुनी हुई खुशबू थोड़ी देर अंदर बनी रहती है. कुछ लोग अतिरिक्त धुएं का स्वाद देने के लिए गर्म कोयले का इस्तेमाल भी करते हैं. इसके लिए एक छोटा जलता हुआ कोयला स्टील की छोटी कटोरी में रखकर उसमें घी की एक बूंद डालें और बैंगन वाले बर्तन को कुछ मिनट के लिए ढक दें. हालांकि, यह तरीका करते समय आग और धुएं को लेकर पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और इसे अच्छी तरह हवादार जगह पर ही करना चाहिए.
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ये गलती न करें
बैंगन को बहुत तेज आंच पर लगातार न भूनें. इससे बाहर की त्वचा जल्दी जल सकती है, जबकि अंदर का हिस्सा कच्चा रह सकता है. इसी तरह बिना छेद किए बैंगन को तेज गर्मी पर रखने से भी बचें. सबसे जरूरी बात यह है कि बैंगन अंदर से अच्छी तरह नरम हो और बाहर से भुनी हुई खुशबू आए. इसके बाद ही उसमें तैयार भरावन भरें. भुना हुआ बैंगन मसाले को अच्छी तरह सोखता है और पकने के बाद उसका स्वाद ज्यादा गहरा महसूस हो सकता है. इसलिए अगली बार भरवां बैंगन बनाने से पहले उसे सीधे मसाले से भरने के बजाय पहले अच्छी तरह भूनकर तैयार करें. सही तरीके से भुना बैंगन न सिर्फ डिश में अलग खुशबू लाता है, बल्कि भरावन के मसाले के साथ मिलकर इसका स्वाद भी काफी बेहतर कर सकता है.
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