पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने की संभावना है. इस दौरान वह भारत के खिलाफ सिंधु जल समझौते का मुद्दा उठा सकते हैं. पीटीआई ने एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि दोनों नेताओं की मुलाकात 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में होने वाले एक विशेष डिनर के दौरान हो सकती है.
UN में भारत और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठा सकता है पाकिस्तान
शहबाज शरीफ अपने UNGA भाषण में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि का मुद्दा उठा सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने की तैयारी में है. 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों के पानी के इस्तेमाल और बंटवारे से जुड़ी है. भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद संधि को रोकने का फैसला किया था. उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. भारत का कहना रहा है कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भरोसेमंद और ठोस कार्रवाई करनी होगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप 23 सितंबर की शाम न्यूयॉर्क के लोटे न्यूयॉर्क पैलेस होटल में UNGA में हिस्सा लेने पहुंचे राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के लिए रिसेप्शन डिनर आयोजित करेंगे. PTI रिपोर्ट के अनुसार, शहबाज शरीफ को भी इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला है.
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ट्रंप और शरीफ की फिर होगी आमने-सामने मुलाकात
मीडिया रिपोर्ट में उच्च स्तर के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस कार्यक्रम में शरीफ को दुनिया के दूसरे नेताओं के साथ बातचीत का भी मौका मिलेगा. ट्रंप और शरीफ की यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच हालिया आमने-सामने की बातचीत में एक और कड़ी हो सकती है. दोनों नेता इससे पहले फरवरी में वाशिंगटन में बोर्ड ऑफ पीस की बैठक के दौरान मिले थे. इसके अलावा सितंबर 2025 में व्हाइट हाउस और अक्टूबर 2025 में मिस्र के शर्म अल-शेख में आयोजित पीस समिट के दौरान भी दोनों की मुलाकात हुई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज शरीफ 23 सितंबर से एक दिन पहले न्यूयॉर्क पहुंचेंगे और 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे.
सऊदी अरब और तुर्किए के साथ सुरक्षा समझौते का भी जिक्र
रिपोर्ट के अनुसार, शहबाज शरीफ पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच हुए नए सुरक्षा समझौते को भी प्रमुखता दे सकते हैं. यह समझौता 7 अगस्त को मक्का में हुआ था. मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत तीनों देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा सहयोग का ढांचा तैयार किया गया है. इसके मुताबिक, किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति को तीनों देशों के खिलाफ हमला माना जाएगा. पाकिस्तान इस समझौते को अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा नीति के अहम हिस्से के तौर पर पेश कर सकता है. UNGA के मंच पर शरीफ इसके जरिए पाकिस्तान की बदलती सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को भी सामने रख सकते हैं.
22 सितंबर से शुरू होगी UN की हाई-लेवल बैठक
संयुक्त राष्ट्र महासभा की 81वीं हाई-लेवल जनरल डिबेट 22 सितंबर से शुरू होकर 26 सितंबर तक चलेगी. इसके बाद 28 सितंबर को भी न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कार्यक्रम होंगे. शहबाज शरीफ 25 सितंबर को महासभा को संबोधित करेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, वह उस दिन दूसरे हिस्से में चौथे वक्ता होंगे. उनके भाषण में भारत, सिंधु जल संधि और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के उठने की संभावना है.
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