उदयपुर से इस वक्त की सबसे बड़ी और अहम खबर सामने आई है. उदयपुर नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बंपर जीत दर्ज करते हुए 41 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. वहीं, कांग्रेस को अब तक 17 सीटों पर जीत मिली है, जबकि एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने बाजी मारी है. इस जीत के साथ उदयपुर में लगातार सातवीं बार बीजेपी का बोर्ड बनना तय हो गया है. बहुमत का आंकड़ा पार करते ही बीजेपी खेमे में जश्न का माहौल है.
पार्टी की इस जीत को जनता के विकास मॉडल पर एक बार फिर मुहर के तौर पर देखा जा रहा है. प्रचंड बहुमत के बाद अब मेयर की कुर्सी को लेकर भी हलचल तेज हो गई है. महापौर पद के दावेदारों को लेकर प्रमोद सामर, आकाश वागरेचा, यशवंत आंचलिया, अतुल चंडालिया, पारस सिंघवी और महेंद्र सिंह शेखावत के नामों की चर्चा भी तेज है. वहीं अन्य वार्डों में मतगणना जारी है.
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इस बार 80 वार्डों पर कुल 69.77 प्रतिशत हुई वोटिंग
उदयपुर के 80 वार्डों पर मतगणना जारी है. अब तक 41 वार्डों पर बीजेपी के प्रत्याशी जीतें हैं, जबकि 17 वार्डों पर कांग्रेस ने बाजी मार ली है. एक वार्ड पर निर्दलीय प्रत्याशी की जीत हुई है. इन 80 वार्डों पर कुल 69.77 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो पिछले चुनाव के मुकाबले लगभग 12 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं इस बार उदयपुर नगर निगर चुनाव को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि इसमें 10 नए वार्डों को वोटरों ने पहले बार अपना वोट दिया है. वहीं साल 2019 के चुनाव में उदयपुर नगर निगम में 70 वार्ड थे. बीजेपी ने 44 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 20 सीटें मिली थीं.
डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव के नतीजों में भी बीजेपी ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर ली है. 40 वार्डों वाली नगर परिषद में बीजेपी ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की है. इनमें दो वार्डों में बीजेपी प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे.
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