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बालों में ऊद ऑयल लगाने के क्या फायदे हैं? हजारों में है कीमत


आज के समय में झड़ते बालों से हर कोई परेशान है. ऐसे में लोग बालों में अलग-अलग प्रकार के तेल व शैंपू का उपयोग करते हैं. बालों को पोषण देने के लिए लोग नारियल तेल, आंवला तेल, व बादाम के तेल का भी इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ऊद ऑयल के उपयोग के बारे में सुना है? ऊद ऑयल असल में अगरवुड के तेल को कहा जाता है. अगरवुड के कई फायदें होने की वजह से इसे तरल सोना भी कहा जाता है. यह अपनी प्राकृतिक खुशबू और औषधिय गुणों के लिए जाना जाता है. इस वजह से इसकी कीमत हजारों में होती है. बाजार में 1 किलो शुद्ध ऊद ऑयल की कीमत लगभग 1,000 रुपए तक होती है.

बालों में करता है प्राकृतिक कंडीशनिंग

अगरवुड का तेल बालों के स्केल्प में लगाने से यह बालों की प्राकृतिक कंडीशनिंग करता है. जिससे बाल सॉफ्ट और शाईनी दिखाई देते हैं. वहीं ऊद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते है, ऐसे में इसे स्केल्प में लगाने से खुजली और डेंड्रफ जैसी समस्या में आराम मिलता है.

अगरवुड में होती है खुशबू

अगरवुड को दुनिया की सबसे बेहतरीन प्राकृतिक खुशबूओं में से एक माना जाता है. इसके उपयोग से बालों में 2-3 दिन तक खुशबू आती है. इस वजह से बालों में खुशबू के लिए किसी अन्य प्रोडक्ट के उपयोग करने की आवश्यकता नहीं होती. वहीं यह ऑयल बालों को पोषण दे कर मजबूत भी बनाता है, जिससे झड़ते बालों में राहत मिलती है.

तनाव कम करता है

ऊद ऑयल बालों की मजबूती के साथ-साथ तनाव कम करने में भी मदद करता है. इसे बालों में हल्का सा लगाने से नींद बेहतर होती है और तनाव कम होता है. इसे अरोमाथैरेपी के लिए भी उपयोग किया जाता है. इसके उपयोग से दिमाग शांत होता है और एंग्जायटी को कम करने में भी मदद मिलती है.

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ध्यान रखें यह बात

ऊद ऑयल बेहद गाढ़ा व शक्तिशाली होता है, ऐसे में इसे कभी भी सीधे उपयोग में न लेकर किसी अन्य तेल के साथ मिलाकर उपयोग में लेना बेहतर होता है. किसी भी अन्य ऑयल जैसे नारियल तेल में इसकी दो-तीन बूंद मिलाने के बाद उपयोग करना सही होता है.

क्यों मंहगा होता है ऊद ऑयल

ऊद ऑयल के मंहगा होनी की वजह उसकी दुर्लभता और उसके बनने की प्रक्रिया है. दरअसल ऊद ऑयल अगरवुड के पेड़ पर एक विशेष प्रकार के फंगस लगने से बनता है. इस प्रक्रिया को पूरा होने में कई साल लग जाते हैं. इसके बाद इसे पेड़ से निकाला जाता है. इसे निकालने में कई हफ्ते लग जाते है और इसकी मात्रा भी कम होती है.

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