भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने खुद की हत्या को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया, “एक फार्म हाउस में मेरी हत्या करने का षड्यंत्र रचा गया है. मैं यह बात बहुत जिम्मेदारी से कह रहा हूं. मेरे पास जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे गलत नहीं हैं. मैं सरकार से मांग करता हूं कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए और हत्या की साजिश से लेकर बाराबंकी हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका सामने लाई जाए.”
उन्होंने आगे कहा, “मैं अपने विरोधियों से भी कहना चाहता हूं मौत तो एक दिन आनी है, मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता. अगर मेरी मौत आपके हाथों लिखी होगी तो वह भी हो जाएगी, लेकिन अगर आप अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए और मेरे लोगों ने मुझे ताकत, हिम्मत और मेरा साथ दे दिया, तो याद रखिए, आप जैसे गुंडों को उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा.”
अयोध्या गोलीकांड से गरमाई सियासत, स्वामी प्रसाद मौर्य ने किया प्रदर्शन
चंद्रशेखर आजाद ने उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने आगे कहा, “आज सवाल सिर्फ मेरी सुरक्षा का नहीं है. जब सुरक्षा प्राप्त एक चुने हुए जनप्रतिनिधि और सांसद के साथ दिनदहाड़े पत्थरबाजी की जाए, पेट्रोल-डीजल जैसी ज्वलनशील चीजों से भरी बोतलों के जरिए गाड़ी में आग लगाने का प्रयास किया जाए और आरोपी इतने बेखौफ हों, तो सोचिए इस प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति क्या होगी?”
उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने साथियों से भी कहना चाहता हूं कि डरने की जरूरत नहीं है. संघर्ष जारी रहेगा. मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता. फिलहाल सांसद के इस खुलासे से सियासी हलचल तेज हो गई है.
चंद्रशेखर आजाद ने वीडियो बयान में बताया कि चाहें यूजीसी हो या आरक्षण के विरोध में जो आंदोलन चल रहे थे मैं अकेला आजाद समाज पार्टी की तरफ से एकमात्र मुखर आवाज होकर खड़ा था. जहां-जहां अत्याचार हुआ है वहां मैंने कमजोरों की आवाज उठाने का काम किया. इसलिए जब वे राजनीतिक रूप से मुझे रोक नहीं पा रहे हैं तो हत्या करने का प्लान फार्म हाउस में बनाया गया. ऐसा नहीं है कि मैं झूठ बोल रहा हूं इसलिए सरकार मामले की जांच कराए.
राजस्थान सरकार ने मांगी जयपुर रियासत की जमीन की जानकारी, UP के 4 जिलों को भेजा पत्र
