यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) यानी समान नागरिक संहिता को लेकर बिहार में राजनीति शुरू हो गई है. बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड बीजेपी के सपोर्ट में नहीं है. सबसे बड़ा सवाल है कि बिहार में यूसीसी लागू हुआ तो क्या होगा? क्या मुस्लिम पक्ष इसके समर्थन में है? रिपोर्ट पढ़िए.
इस पूरे मामले में हो रही राजनीति के बीच हमने पॉलिटिकल एक्सपर्ट संतोष कुमार से बात की. उन्होंने कहा कि बीजेपी देश में यूसीसी लाने के मूड में है. जिस तरह से जेन-जी का मुद्दा हो या यूजीसी का मुद्दा हो, बीजेपी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. कोर वोटर यानी सवर्ण समाज टूटते नजर आ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि देश में अन्य जगहों पर उपचुनाव हुए या पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में जो उपचुनाव हुए, इसमें सवर्ण समाज का बीजेपी के खिलाफ गुस्सा दिखा. उन्होंने आगे कहा कि यूसीसी को लेकर नीतीश कुमार बहुत पहले से विरोध करते रहे हैं और कहते रहे हैं कि हम इसको बिहार में लागू नहीं होने देंगे.
आज (मंगलवार) यूसीसी के मुद्दे पर नीतीश कुमार के आवास पर वह बैठक हुई. बैठक में यह साफ किया गया कि अमित शाह से इस पर बात होगी. विजय चौधरी ने खुलकर कहा कि नीतीश कुमार इसे होने नहीं देंगे. इस पर संतोष कुमार ने कहा कि अब नीतिश कुमार की राजनीति नहीं रही. अब वह अपने बेटे के लिए राजनीति कर रहे हैं, लेकिन जो नीतीश कुमार की पहचान राजनीति में रही है उनके बेटे में नहीं दिख रही है. ऐसे में यह कहना असंभव भी नहीं है कि इस मुद्दे को लेकर कभी भी वह पाला बदल सकते हैं.
…और निशांत को मिलेगा फायदा
आरजेडी के ऑफर वाले सवाल पर उन्होंने कहा, “आरजेडी के नेता क्या बोलते हैं यह मैं नहीं कह सकता हूं… लेकिन जो अभी हलचल दिख रही है ऐसे में कभी भी कुछ भी होने की संभावना है. अगर नीतीश कुमार इस मुद्दे को लेकर बीजेपी से अलग होते हैं और आरजेडी के साथ सरकार बनाते हैं तो मुस्लिम वोट बैंक गोलबंद रहेगा और निशांत कुमार को आगे की राजनीति में फायदा मिलेगा. हालांकि बीजेपी अभी सरकार में है ऐसे में नीतीश कुमार को नाराज भी नहीं कर सकती है.”
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मुस्लिम पक्ष क्या कह रहा?
मुस्लिम समाज इस कानून के पक्ष में नहीं है. सिया वफ्फ बोर्ड के अध्यक्ष इरशाद अली आजाद ने कहा कि अभी इसके खिलाफ ज्यादा बोलने की आवश्यकता नहीं है. इस कानून में क्या है यह पब्लिक डोमेन में जब तक नहीं आएगा तब तक कुछ भी कहना मुश्किल है.
उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि कानून सरकार बनाती है, लेकिन हमारी संस्कृति, हमारी सभ्यता, हमारा कल्चर है जो हमारे पूर्वजों से चला आ रहा है. उसे किसी कानून के तहत दूर नहीं कर सकते हैं.
बता दें UCC को लेकर बिहार की राजनीति पूरी तरह तेज हो गई है. जेडीयू इसका खुलकर विरोध कर रही है. बीते सोमवार को जेडीयू के विधायक श्याम रजक ने विरोध किया था तो आज (मंगलवार) नीतीश कुमार के आवास में बड़े नेताओं की बैठक हुई. उसके बाद उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि UCC के खिलाफ हमारे नेता पहले से भी रहे हैं. इसको लेकर हम लोग पहले गृहमंत्री अमित शाह से बात करेंगे, उसके बाद निर्णय लिया जाएगा.
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