मोदी सरकार में राज्यों के बीच 10वां जल विवाद खत्म हो गया है. केंद्र और राज्यों की सहमति से दशकों पुराना किशाऊ प्रोजेक्ट आगे बढ़ा है. केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने किशाऊ परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए. परियोजना समझौते से सबसे बड़ा फायदा दिल्ली को होगा.
शाह ने कहा कि आज हम एक ऐतिहासिक समझौते के साक्षी बने हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि यह परियोजना पूरी होने के बाद यह घटना इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन जाएगी. उन्होंने कहा कि आज हुए समझौते से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली को किसी न किसी तौर पर फायदा होगा.
क्या बोले अमित शाह?
शाह ने कहा कि इसमें सबसे अच्छी बात है कि छह राज्यों ने अपनी सहमति दी और समझौते पर हस्ताक्षर किए. गृह मंत्री ने परियोजना को इस अंजाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने के लिए सभी 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल को बधाई दी. उन्होंने कहा कि भारत सरकार और यमुना बेसिन के इन छह राज्यों के मुख्यमंत्री इस परियोजना को जल्द करने के लिए तैयार हैं.
10वां जल विवाद खत्म
गृह मंत्री ने कहा कि जब से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, आज यह दसवां जल विवाद खत्म होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि पीएम के नेतृत्व में बीते 50 साल से चले आ रहे गंभीर विवादों को खत्म करने का अभियान चला है.
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उन्होंने कहा कि सबसे पहले अगस्त 2018 में लखवार बहुउद्देशीय परियोजना का विवाद खत्म हुआ. उसी महीने शाहपुर कंडी बांध परियोजना का विवाद सुलझा. साल 2019 में ऊपरी यमुना बेसिन की रेणुकाजी बहुउद्देशीय बांध परियोजना का विवाद खत्म हुआ. 2021 में केन-बेतवा लिंक परियोजना पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच समझौता हुआ, जिससे बुंदेलखंड जैसे जल-संकटग्रस्त क्षेत्र को फायदा मिला.
संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल रिवर लिंक योजना वर्ष 2024 में आगे बढ़ी. हथिनीकुंड से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से यमुना तक जल अंतरण की योजना फरवरी 2024 में स्वीकृत हुई. नर्मदा परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का विवाद जुलाई 2026 में पूर्ण हुआ. सोन बेसिन में बिहार और झारखंड के बीच जल बंटवारे का विवाद अगस्त 2026 में सुलझा, और आज अंततः किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना परियोजना पर सहमति बन चुकी है.
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