बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को जमानत के मामले में बड़ी राहत मिली है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है. कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत देने का आदेश दिया है. जिला अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट का रुख किया था.
शालिग्राम गर्ग की ओर से सबसे पहले छतरपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन दिया गया था. यह आवेदन 25 अगस्त 2026 को विशेष न्यायाधीश निधि सक्सेना की अदालत में दाखिल किया गया था. हालांकि, न्यायालयीन अवकाश के कारण मामले में तुरंत सुनवाई नहीं हो सकी और 29 अगस्त को सुनवाई हुई.
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इसके बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं. सुनवाई पूरी होने के बाद 31 अगस्त 2026 को जिला अदालत ने शालिग्राम गर्ग की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद उनके वकीलों ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की.
हाईकोर्ट में मिली कानूनी राहत
हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से शालिग्राम गर्ग को जमानत दिए जाने के पक्ष में दलीलें रखी गईं. कोर्ट ने दोनों पक्षों की बातों और मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद जमानत अर्जी स्वीकार कर ली.
हाईकोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर शालिग्राम गर्ग को सशर्त जमानत देने का आदेश दिया है. इस आदेश के बाद अब उनकी जेल से रिहाई की प्रक्रिया शुरू होगी.
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जिला अदालत के फैसले के बाद पहुंचे थे हाईकोर्ट
बता दें कि जिला अदालत से जमानत नहीं मिलने के बाद शालिग्राम गर्ग के पास हाईकोर्ट जाने का रास्ता था. बचाव पक्ष ने इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. अब हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें राहत मिली है. हालांकि, जमानत सशर्त है और आगे मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी.
Input By : मनीष खरया
