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मुंडका से BJP विधायक पर FIR दर्ज, दलित मंडल अध्यक्ष ने लगाए मारपीट का आरोप


दिल्ली के मुंडका से बीजेपी विधायक गजेंद्र दराल और पार्टी से जुड़े कुछ अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ कंझावला थाने में FIR दर्ज हुई है. शिकायत बीजेपी के कंझावला मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार ने दी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि 10 सितंबर की रात उन्हें वोटर लिस्ट पर चर्चा के लिए बीजेपी कार्यालय बुलाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई, जातिसूचक शब्द कहे गए, बंधक बनाया गया और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई. पुलिस ने मामले में BNS की कई धाराओं के साथ आयुध अधिनियम और SC-ST एक्ट की संबंधित धारा लगाकर जांच शुरू कर दी है.

सुनील कुमार की शिकायत के मुताबिक, 10 सितंबर को शाम करीब 7:50 बजे विधायक गजेंद्र दराल ने उन्हें फोन कर वार्ड की वोटिंग लिस्ट लेकर कराला स्थित दीपक माथुर के बीजेपी कार्यालय पहुंचने को कहा था. उन्हें फोन बंद नहीं करने के लिए भी कहा गया, क्योंकि विधायक की चुनाव अधिकारी के साथ बैठक बताई गई थी. इसके बाद सुनील अपने साथी जय भगवान के साथ करीब 8:15 बजे कार्यालय पहुंचे. वहां दीपक माथुर, गजेंद्र दराल, विवेक, अमित माथुर और चार-पांच अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.

शिकायत में आरोप है कि कुछ देर बाद विधायक के कहने पर अमित माथुर को बुलाया गया. उसके पहुंचने के बाद कार्यालय का शटर और CCTV कैमरे बंद कर दिए गए और सुनील के साथ मारपीट शुरू कर दी गई. सुनील का आरोप है कि इस दौरान अमित माथुर ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया.

पाइप और बेल्ट से पिटाई का आरोप, हाथ-पैर पकड़ने की भी बात

सुनील कुमार ने शिकायत में आरोप लगाया है कि विधायक गजेंद्र दराल ने भी जातिसूचक टिप्पणी की और पाइप तथा बेल्ट से उनकी पिटाई की. उनका कहना है कि दीपक माथुर, अमित माथुर और विवेक ने उनके हाथ-पैर पकड़ रखे थे और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर लात-घूंसों से हमला किया गया. शिकायत में गुप्तांग पर चोट पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है.

सुनील के मुताबिक, मारपीट के दौरान उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि वह दो-तीन बार बेहोशी जैसी स्थिति में पहुंच गए. उन्होंने बताया कि रात में संतोष कौशिक और शालू शर्मा को चोटें दिखाई गईं, लेकिन उनके वहां से जाने के बाद दोबारा मारपीट किए जाने का भी आरोप है.

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रातभर कार्यालय में रोकने और कैमरे बंद करने का भी दावा

सुनील कुमार ने अपने वीडियो संदेश में दावा किया कि उन्हें रातभर कार्यालय के अंदर रखा गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय CCTV कैमरे बंद कर दिए गए थे और उन्हें पाइप, डंडे तथा बेल्ट से पीटा गया. शिकायत के अनुसार, 11 सितंबर की सुबह करीब 5:15 बजे उन्हें वहां से जाने दिया गया.

सुनील ने आरोप लगाया कि जाते समय उन्हें धमकी दी गई कि अगर उन्होंने घटना की शिकायत की तो उनकी जान को खतरा हो सकता है और उनके बारे में किसी को पता भी नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि वह करीब 15-16 वर्षों से बीजेपी से जुड़े हैं और पार्टी के लिए काम करते रहेंगे, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक न्याय की मांग करते रहेंगे.

डेढ़ साल से विधायक के दुर्व्यवहार का कर रहे थे सामना

सुनील कुमार ने आरोप लगाया कि करीब डेढ़ साल पहले मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही उन्हें विधायक गजेंद्र दराल के कथित खराब व्यवहार का सामना करना पड़ रहा था. उनके मुताबिक, विधायक उनके पहनावे और गले में पहने हार तक को लेकर टिप्पणी करते थे.

सुनील का आरोप है कि उनसे कहा गया कि उन्हें नेता नहीं माना जाता और वह विधायक के साथ बैठने के लायक भी नहीं हैं. हालांकि, विधायक गजेंद्र दराल ने सुनील कुमार के आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें मारपीट की घटना की जानकारी नहीं है और इस मामले में खुद को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाया है.

पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में दर्ज किया केस

कंझावला पुलिस ने मामले में BNS की धारा 115(2), 127(2), 140(3), 351(2), 61(2) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की है. इनमें जानबूझकर चोट पहुंचाने, गलत तरीके से बंधक बनाने, हत्या के इरादे से अपहरण या अगवा करने, आपराधिक धमकी, आपराधिक साजिश और साझा इरादे से जुड़ी धाराएं शामिल हैं.

इसके अलावा आयुध अधिनियम की धारा 25 और SC-ST एक्ट की धारा 3(1)(आर)(एस) भी लगाई गई है. जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर किशन यादव को दी गई है. पुलिस के मुताबिक, शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ घटनास्थल, उपलब्ध साक्ष्यों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

बीजेपी ने विधायक और मंडल अध्यक्ष दोनों से मांगा जवाब

विवाद सामने आने के बाद बीजेपी ने विधायक गजेंद्र दराल और कंझावला मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार, दोनों को नोटिस जारी किया है. दिल्ली बीजेपी के महासचिव और कार्यालय प्रभारी विष्णु मित्तल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आई खबरों का संज्ञान लेते हुए दोनों को राज्य अनुशासन समिति के सामने अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है. दोनों को 16 सितंबर को दोपहर 3 बजे पार्टी मुख्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया था.

मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है. आम आदमी पार्टी ने गजेंद्र दराल को बर्खास्त करने की मांग की है. पूर्वी दिल्ली के कोंडली से आप विधायक कुलदीप कुमार मंगलवार को सुनील कुमार के साथ रोहिणी के डीसीपी शशांक जायसवाल से मिले. उन्होंने दलित समुदाय के एक सदस्य के साथ कथित हिंसा का मुद्दा उठाया. पुलिस की ओर से उचित कार्रवाई का भरोसा दिए जाने की बात भी सामने आई है. फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है, जबकि बीजेपी ने दोनों पक्षों को अनुशासन समिति के सामने अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है.

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