भोपाल की फर्जी IAS तृप्ति सिंह केस में एक नया ट्विस्ट सामने आ रहा है. दरअसल फर्जी IAS तृप्ति सिंह से जुड़े मामले में अब पुलिस की जांच पर ही सवाल उठ रहे हैं. जांच के दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों पर पीड़िता से रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं. हालांकि, रिश्वत मांगने के आरोपों की अभी जांच होनी है और इस मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष सामने नहीं आया है.
शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के बाद ASI मनोज शर्मा और हवलदार सुनील राठौर को थाने से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया. ACP रजनीश कश्यप के मुताबिक, दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार दूसरे मामलों में भी शिकायतें मिल रही थीं. शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई.
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घटना पर उठना लगा ये सवाल
अब सवाल यह है कि फर्जी IAS मामले की जांच के दौरान आखिर पीड़िता से रिश्वत मांगने की शिकायत क्यों सामने आई और क्या जांच के दौरान किसी तरह का दबाव बनाया गया था? फिलहाल अब यह मामला चर्चाओं में हैं. इससे पहले फर्जी आईएएस को लेकर चर्चाएं जोरों पर थीं. अब नया ट्विस्ट आने मामला और गंभीर हो गया है.
क्या है फर्जी IAS तृप्ति सिंह का मामला?
बता दें कि यह पूरा मामला भोपाल के बागसेवनिया थाने का बताया जा रहा है. दरअसल फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर तृप्ति सिंह ने मासूम लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है. इस बीच पीड़ित लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए बागसेवनिया थाना पहुंचे.
आरोप है कि इस दौरान फरियादियों से न्याय दिलाने के नाम पर पुलिसकर्मियों ने उनसे रिश्वत मांगी है. पीड़ितों का आरोप है कि एएसआई और हवलदार ने उनसे ठगी किया हुआ पैसा लौटाने के लिए लाखों की रिश्वत मांगी. पीड़ित ने परेशान होकर इसकी शिकायत डीसीपी विकास शहवाल से की.
डीसीपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित एक्शन करते हुए एएसआई और हवलदार को लाइन अटैच कर दिया. साथ ही मामले में जांच के आदेश भी दिए हैं. एएसआई और हवलदार की इस करतूत से सिस्टम पर गंभीर सवाल उठना शुरू हो गए हैं.
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