समाजवादी पार्टी के महासचिव शिवपाल यादव ने बुधवार (22 सितंबर) को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) चाहती है कि साल 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Election 2027) हिंदू-मुस्लिम का मुकाबला बन जाए. आजमगढ़ से देवरिया जाते समय शिवपाल यादव ने कहा, “सपा इससे विचलित नहीं होगी और विकास तथा सामाजिक न्याय के मुद्दों पर ही टिकी रहेगी. बीजेपी हर चुनाव को हिंदू बनाम मुस्लिम बनाकर लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना चाहती है, लेकिन हम इससे विचलित नहीं होंगे.”
शिवपाल यादव ने आगे कहा कि कि सपा पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों की आवाज उठाती रहेगी. बीजेपी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव करने वालों को 2027 में सबक सिखाया जाना चाहिए. प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बुलडोजर की कार्रवाई पर यादव ने आरोप लगाया कि सरकार मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों को निशाना बना रही है. ऐसी कार्रवाई संविधान को कुचलने और कुछ समुदायों को पिछड़ा बनाने की कोशिश है.
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इतना ही नहीं, यूपी के बंटवारे की चर्चाओं के बीच ओम प्रकाश राजभर और इमरान मसूद ने विभाजन का समर्थन किया. इन दोनों को जवाब देते हुए शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अगर पूर्वांचल बनेगा तो पश्चिम यूपी भी बनेगा. यूपी को छोटे-छोटा राज्यों में बांटकर किसका फायदा होगा? आप कितने प्रदेश बनाएंगे? अगर कोई प्रदेश छोटा हो जाता है तो उसका महत्व घट जाता है. जहां-जहां छोटे प्रदेश बने हैं, वहां उनकी अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है. पहले बेईमानी और भ्रष्टाचार खत्म करिए.
उन्होंने कहा कि विपक्ष को पीड़ितों से मिलने से रोककर सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है और जहां भी अन्याय होगा, सपा पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी. यादव ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चुनाव की तैयारी में मजबूती से जुटने को कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में जनता की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि खाद और बिजली आपूर्ति की समस्या है और नहरों में पानी नहीं है.
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