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ट्रैफिक नियम तोड़ने में यूपी वाले अव्वल, सबसे ज्यादा कटे ई-चालान


उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों को उल्लंघन करने पर सबसे ज्यादा ई-चालान काटे गए हैं. यूपी ने इस मामले में देश के तमाम राज्यों को पीछे छोड़ दिया है. संसद में सरकार के ताजा आंकड़ों में ये हैरान करने वाला आंकड़ा सामने आया है. आंकड़ों के मुताबिक यूपी ऐसा राज्य है जहां ट्रैफिक नियमों को उल्लंघन किए जाने पर सबसे ई-चालान कटे. यही नहीं देश में सबसे बड़ी बकाया जुर्माना राशि में भी यूपी टॉप पर है. 

 

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देशभर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर काटे गए ई-चालान में अकेले उत्तर प्रदेश की सबसे ज्यादा 20% तक की हिस्सेदारी है. जो सबसे ज्यादा चिंताजनक आंकड़े हैं और जब इसे दिल्ली के साथ जोड़ दिया तो ये दोनों राज्य मिलकर देश के दूसरे सभी राज्यों के कटे ई-चालान और ट्रैफिक जुर्मानों की बकाया राशि का 50 फीसद से ज्यादा का हिस्सा होते हैं. 

यूपी में सबसे ज्यादा कटे ई-चालान

आंकड़ों के मुताबिक साल 2024 में यूपी में 1.54 करोड़ ई-चालान काटे गए, जो पूरे देश के कुल चालान का करीब 20 फीसदी हिस्सा है. लेकिन राज्य ने केवल 541 करोड़ रुपये का ट्रैफिक जुर्माना ही वसूला जबकि 2,386 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना भरा नहीं गया और बाकी रह गया. यूपी का ये बकाया देश के कुल बकाया राशि का 26 प्रतिशत है.

उत्तर प्रदेश के आंकड़े कर देंगे हैरान

साल 2022 में यूपी में 92.8 लाख ई चालान कटे थे. जिनका बकाया 1,321 करोड़ रुपये था. इसी तरह साल 2023 में बकाया 2,078 करोड़ रुपये हो गया. साल 2024 में बकाया राशि बढ़कर 2,386 करोड़ रुपये हो गई. वहीं दिल्ली में हर साल 77-78 लाख चालान कटते हैं. दिल्ली में साल 2024 में कुल 2,247 करोड़ रुपये का ट्रैफिक जुर्माना बकाया है. यूपी और दिल्ली के बकाया को मिला दें तो ये पूरे देश का कुल 50 फीसद हिस्सा है.  

 

दूसरे नंबर पर तमिलनाडु का स्थान है, इसके बाद दिल्ली, चौथे नंबर पर केरल राज्य है, जबकि गुजरात का पांचवां स्थान है. बिहार की बात करें तो यहां पिछले दो सालों में चालान की संख्या में करीब चार गुना का उछाल आया है, लेकिन जुर्माना वसूली की रफ्तार नहीं बढ़ी है. इस मामले में बिहार देश में सातवें नंबर पर है. 

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