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हिरासत से छूटने के बाद राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया, ‘संसद, सड़क और जंतर-मंतर…’


इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेता चुनाव आयोग के मामले को लेकर लगातार दूसरे दिन सड़क पर उतरे और एक बार फिर राहुल गांधी प्रतिपक्ष की इस मुहिम की अगुवाई करते दिखाई दिए. जनपथ से जंतर-मंतर की तरफ विपक्ष के करीब तीन घंटे के मार्च के बाद पुलिस ने राहुल गांधी और कई अन्य को हिरासत में ले लिया. कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का यह अभियान तक तब जारी रहेगा जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते.

पुलिस हिरासत से छोड़े जाने के बाद राहुल गांधी ने इंडिया उन सांसदों को धन्यवाद दिया है, जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजबूती से डटे हुए हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘मैं इंडिया गठबंधन के उन सभी सांसदों का आभारी हूं, जो हमारी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संसद में, सड़कों पर और आज जंतर-मंतर के पास मजबूती से डटे हुए हैं. वे मार्च रोक सकते हैं. वे बैठक करने से मना कर सकते हैं, लेकिन वे हमारे लोगों की इच्छाशक्ति को नहीं रोक सकते. नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और पूरे सिस्टम को जवाबदेह ठहराया जाएगा.’

विपक्षी दलों के सांसद पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित डिनर में जनपथ रोड पर शांग्री-ला होटल में शाकाहारी दक्षिण भारतीय व्यंजनों का लुत्फ उठाया और आगे की रणनीति पर चर्चा की. इसके बाद वे तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए रवाना हुए. विपक्षी सांसदों को पुलिस ने अशोक रोड पर शांगरी-ला होटल के सामने रोक दिया. इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कुछ अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. 

राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं को एक टेंपो ट्रैवलर में बिठाकर मौके से ले जाया गया. राहुल को हिरासत में लिए जाने के बाद कई कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रैवलर की छत पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे. मौके पर सुरक्षाबलों की मौजूदगी के बीच काफी देर तक नारेबाजी होती रही. पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रियंका गांधी ने विरोध जताया और सड़क पर लेट गईं. इस दौरान उनके हाथ में संविधान की प्रति थी. विपक्षी सांसद निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर जाना चाहते थे. 

कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि राहुल गांधी को जिस वाहन में ले जाया जा रहा था, उसे अग्रसेन की बावली के पास पार्टी कार्यकर्ताओं ने पंक्चर कर दिया. हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं को बाराखंबा थाने ले जाया गया. कांग्रेस और विपक्ष के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया.



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