ठाणे महानगरपालिका के वार्ड संख्या 30 से निर्वाचित AIMIM की नगरसेविका सहर शेख के पिता यूनुस शेख एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं. महानगरपालिका चुनाव जीतने के बाद सहर शेख अपने एक भाषण की वजह से काफी चर्चा में आ गईं थीं, इसमें उन्होंने विरोधियों को चिढ़ाते हुए ‘कैसा हराया…’ कहा था. सहर शेख का यह वीडियो काफी वायरल हुआ था.
इसी सभा में सहर शेख ने कहा था कि आने वाले समय में उन्हें पूरे मुंब्रा को हरे रंग से रंगना है. उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई थी. आलोचना करने वालों में महायुति के साथ-साथ शिंदे सेना भी शामिल थी.
ठाणे के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज
ऐसे में अब एकनाथ शिंदे की शिवसेना द्वारा सहर शेख के पिता को अपनी पार्टी में अहम पद दिए जाने से ठाणे के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. यूनुस शेख के शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के दौरान की तस्वीर भी सामने आई है. इसमें शिंदे सेना के पदाधिकारी उन्हें नियुक्ति पत्र देते हुए दिखाई दे रहे हैं.
यूनुस शेख को शिंदे सेना की कलवा-मुंब्रा केबल सेना का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. नियुक्ति पत्र में जिक्र है कि यह नियुक्ति एकनाथ शिंदे के आदेश पर की गई है. इस घटनाक्रम के बाद महाविकास आघाड़ी के नेताओं द्वारा शिंदे सेना को निशाना बनाए जाने की संभावना है.
यूनुस शेख ने शिवसेना में जाने की खबरों को किया खारिज
हालांकि, यूनुस शेख ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की खबरों को खारिज किया है. उनका कहना है, “मैं पिछले कई वर्षों से केबल और इंटरनेट सेवा से जुड़ा हुआ हूं. मुझे उसी क्षेत्र से संबंधित पद दिया गया है, इसलिए विरोधियों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है.”
यूनुस शेख को जिस केबल सेना का अध्यक्ष बनाया गया है, उसके नियुक्ति पत्र पर प्रमुखता से ‘एकनाथ शिंदे के आशीर्वाद से’ लिखा हुआ है. ऐसे में यूनुस शेख के इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं कि वह सिर्फ केबल सेना के अध्यक्ष हैं और शिवसेना का हिस्सा नहीं हैं. जब केबल सेना शिंदे सेना के अधीन आती है, तो उसका अध्यक्ष पद स्वीकार करने के बावजूद शिवसेना से संबंध नहीं होने का उनका दावा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है.
कभी जितेंद्र आव्हाड के समर्थक थे यूनुस शेख
सहर शेख के पिता यूनुस शेख कभी जितेंद्र आव्हाड के समर्थक हुआ करते थे. हालांकि, बाद में दोनों के बीच मतभेद हो गए थे. ठाणे महानगरपालिका चुनाव के दौरान यूनुस शेख ने अपनी बेटी के लिए शरद पवार गुट से टिकट मांगा था, लेकिन एनसीपी (SP) से टिकट नहीं मिलने के बाद सहर शेख ने AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.
सहर शेख ने जितेंद्र आव्हाड पर साधा था निशाना
चुनाव जीतने के बाद आयोजित विजय सभा में यूनुस शेख और उनकी बेटी सहर शेख ने जितेंद्र आव्हाड पर जमकर निशाना साधा था. यूनुस शेख ने कहा था, “मैंने जितेंद्र आव्हाड का नाम ‘जीजी’ रखा और वह पूरे महाराष्ट्र में लोकप्रिय हो गए. अल्लाह तआला ने मेरी बेटी को ‘हिजाब वाली बेटी’ के रूप में लोकप्रिय कर दिया. जितेंद्र आव्हाड को इसके बाद किसी भी लड़की के भविष्य के साथ नहीं खेलना चाहिए, वरना हमारा समाज एकजुट होकर किसी का विकेट कैसे गिराता है, यह आपने देख ही लिया है.”
यूनुस शेख ने जितेंद्र आव्हाड को घेरते हुए आगे कहा था, “आपने मेरी बेटी को टिकट देने से इनकार किया था. अब मैंने अपनी बेटी को AIMIM से चुनाव जिताकर दिखाया है. अगर वह वार्ड क्रमांक 30 में कभी घूमते हुए दिखाई दिए, तो उन्हें दिखा दूंगा.”
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