बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उस समय हंगामा हो गया, जब खुद को कांग्रेसी बताने वाले एक युवक ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की.
युवक ने कथित तौर पर कहा कि इस तरह की लड़ाई से पीएम मोदी नहीं जाने वाले. इस पर खरगे ने पीएम मोदी को लेकर अपशब्द बोल दिए, जिस पर हंगामा हो गया. खरगे के बयान पर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “कांग्रेस की राजनीति अब जनहित के मुद्दों से भटककर व्यक्तिगत अपमान और मर्यादाओं के उल्लंघन तक सिमट गई है.”
पुष्कर सिंह धामी का खरगे पर निशाना
पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री के पिता को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े करती है. कभी प्रधानमंत्री मोदी की मां का अपमान, कभी उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहना और कभी ‘चायवाला’ कहकर उनकी साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि का उपहास उड़ाना. आखिर कांग्रेस की राजनीति कब तक व्यक्तिगत अपमान और अमर्यादित टिप्पणियों के सहारे चलती रहेगी?”
लगातार चुनावी पराजयों के बावजूद कांग्रेस ने जनहित के मुद्दों पर आत्ममंथन करने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों को ही अपनी राजनीति का आधार बना लिया है. लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का स्थान है, लेकिन किसी के माता-पिता और परिवार को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता.
खरगे ने प्रधानमंत्री के बयान पर भी उठाए सवाल
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने अगले 30 वर्षों तक अपनी सरकार के बने रहने की बात कही थी. खरगे ने कहा, अगले 30 साल तक कौन बचेगा या रहेगा, यह किसने देखा है? वे ऐसा लोगों को भ्रमित करने के लिए कहते हैं. उनके पास ईवीएम है. जब तक अपने चेलों को उन्होंने वहां पर बैठाया है, उसी आधार पर वे ऐसा बयान देते हैं. उन्हीं के लोगों ने कहा है कि सीईसी में घपला है.
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