ऑस्कर विनर म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान इन दिनों अपने ‘वंडरमेंट टूर’ में व्यस्त हैं. उन्होंने इसे सिर्फ एक कॉन्सर्ट नहीं, बल्कि ऑडियंस के लिए एक खास अनुभव बताया. इसमें उनके पुराने फेमस गानों के साथ नए म्यूजिक और अलग-अलग कलाकारों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी.
आज रहमान अपनी शानदार लाइव परफॉर्मेंस से लोगों का दिल जीत लेते हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब उन्हें स्टेज पर जाने से डर लगता था. रहमान ने हाल ही में अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि लाइव परफॉर्मेंस उनके लिए किसी डरावने अनुभव से कम नहीं थी.
हालांकि, करीब तीन दशक के सफर में उन्होंने इस डर पर काफी हद तक काबू पा लिया है. हाल ही में उन्होंने अपने म्यूजिक, लाइव कॉन्सर्ट और करियर से जुड़े कई दिलचस्प खुलासे किए.
स्टेज पर जाने से लगता था डर
एआर रहमान ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने 1996 में मलेशिया में अपनी पहली लाइव परफॉर्मेंस दी थी, तब से लेकर आज तक उनका सफर काफी बदल चुका है. उन्होंने कहा, ‘एक वक्त ऐसा था, जब स्टेज पर मुझे ऐसा लगता था जैसे मैं मौत को सामने देख रहा हूं. मैं बहुत डरा हुआ था.’
रहमान ने बताया, ‘म्यूजिक को स्टेज पर परफॉर्म करना आसान नहीं था. मेरे बनाए संगीत को लाइव परफॉर्मेंस के हिसाब से ढालने और उसके लिए सही म्यूजिशियन चुनने में समय लगा. मैं चाहता था कि म्यूजिशियन उनके बनाए संगीत में कुछ नया जोड़ें, लेकिन उसकी मूल भावना को खराब न करें. अब मैं पहले के मुकाबले स्टेज पर ज्यादा नॉर्मल महसूस करती हूं.’
कॉन्सर्ट से पहले आज भी होता है तनाव
रहमान ने बताया कि लाइव शो की तैयारी अचानक नहीं होती. किसी टूर के लिए नए म्यूजिक अरेंजमेंट तैयार करने में करीब एक महीने पहले से काम शुरू हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘परफॉर्मेंस से एक दिन पहले भी टीम के साथ तैयारी करनी पड़ती है. कॉन्सर्ट से पहले काफी तनाव रहता है, लेकिन जब संगीत प्रेमी सामने आते हैं, तो सारी परेशानी और तनाव दूर हो जाता है.’
‘रोजा’ को बताया अपने करियर का पीक
इंटरव्यू के दौरान रहमान से यह भी पूछा गया कि क्या उनकी पहली फिल्म ‘रोजा’ उनके करियर का पीक थी. इस पर उन्होंने सहमति जताते हुए कहा, ‘अपनी पहली फिल्म में मैंने उस वक्त तक जो कुछ सीखा और विकसित किया था, वह सब दे दिया था.’
हालांकि, उन्होंने ‘ताल’, ‘बॉम्बे’, ‘रॉकस्टार’ और ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए समझाया कि फिल्म का संगीत सिर्फ एक व्यक्ति के काम से नहीं बनता. डायरेक्टर, कहानी और पूरी टीम के साथ काम करने पर कंपोजर के अलग-अलग पहलू सामने आते हैं.
तीन दशक बाद भी नहीं बदला म्यूजिक के लिए जुनून
रहमान ने कहा कि आज भी वह खुद को मानसिक रूप से बूढ़ा नहीं मानते. नए कलाकारों, म्यूजिशियन और डायरेक्टर्स को लेकर उनकी जिज्ञासा और उत्साह पहले जैसा ही है. उन्होंने संगीत का हिस्सा बनने को अपने लिए आशीर्वाद बताया और कहा कि उन्होंने हमेशा ज्यादा काम करने के बजाय उसकी क्वालिटी पर ध्यान देने की कोशिश की है.
रहमान का ‘वंडरमेंट टूर’ 1 नवंबर को मुंबई और 21 नवंबर को दिल्ली में होगा. इसके अलावा, उन्होंने रणबीर कपूर की आने वाली फिल्म ‘रामायण’ के म्यूजिक पर भी काम किया है. इस प्रोजेक्ट में उन्होंने पहली बार हॉलीवुड कंपोजर हंस जिमर के साथ काम किया है.
