Headlines

नहीं चला अनंत सिंह का जादू, कौन हैं नीरज कुमार जिन्होंने बचाया JDU का किला?


बिहार के एमएलसी चुनाव में पटना स्नातक सीट से जेडीयू के प्रत्याशी नीरज कुमार की जीत हो गई है. उन्होंने इस सीट से जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज कुमार को हराया है. अनुज कुमार की हार से मोकामा विधायक अनंत सिंह की चर्चा हो रही है. वे इनके समर्थन में खुलकर प्रचार कर रहे थे और बोल रहे थे. दावा किया था कि नीरज कुमार की हार होगी. अब जब नतीजे आए हैं तो अनंत सिंह भी चौंक गए हैं.

सबसे बड़ा सवाल अब नीरज कुमार को लेकर हो रहा कि आखिर कैसे इनकी जीत हो गई? बता दें कि चुनाव से पहले अंतिम समय में जाकर नीतीश कुमार ने नीरज कुमार से मुलाकात की थी. चुनाव के बीच नीरज कुमार बीमार हुए थे तो अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था. इस पर भी अनंत सिंह ने बयानबाजी की थी. तंज कसा था.

कौन हैं नीरज कुमार?

नीरज कुमार के राजनीतिक सफर की बात करें तो सबसे पहला चुनाव इन्होंने साल 2002 में एमएलसी का ही लड़ा था, लेकिन उन्हें करारी हार मिली थी. यह वह दौर था जब बिहार में समता पार्टी हुआ करती थी. सूरजभान सिंह ने ही नीतीश कुमार से कहकर नीरज कुमार को टिकट दिलवाया था. साल 2002 में हुए बिहार विधान परिषद के चुनाव में नीरज कुमार समता पार्टी के उम्मीदवार थे तो आरजेडी से आजाद गांधी उम्मीदवार थे. नीरज कुमार आजाद गांधी से चुनाव हार गए थे.

जेडीयू से ही पहली बार जीते थे नीरज

यहीं से नीरज कुमार का रास्ता धीरे-धीरे बदला और वह सूरजभान सिंह से दूर होकर अनंत सिंह के करीबी बन गए. 2008 में नीरज कुमार को अनंत सिंह ने पुरजोर समर्थन दिया और नीतीश कुमार के समक्ष अड़ गए कि जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार होंगे. जेडीयू ने नीरज कुमार को सिंबल दिया और नीरज कुमार पहली बार बिहार विधान परिषद के सदस्य बने.

यह भी पढ़ें- Bihar MLC चुनाव: JDU के नीरज कुमार का अनंत सिंह पर तंज, ‘खुद जमानत पर हैं और जमानत जब्त की बात कर रहे’

लगा चुके हैं जीत की हैट्रिक

साल 2008 में नीरज कुमार को पहली बार जीत मिली थी. वहीं 2014 में वह दूसरी बार परिषद के सदस्य बने. बिहार विधान परिषद के सदस्य के तौर पर नीरज कुमार जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं. 2020 में भी नीरज कुमार ने जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीते थे. अब एक बार फिर 2026 में यानी चौथी बार लगातार जीत मिली है.

जानकारी हो कि नीरज कुमार मोकामा के मुंदियारटोला के रहने वाले हैं. जेडीयू की बातों को मजबूती से मीडिया में रखते हैं. नीरज कुमार के खिलाफ होने के चलते ही अनंत सिंह को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया. उनकी पत्नी नीलम देवी पर भी पार्टी एक्शन ले रही है. इस बीच इस चुनाव में जीत दर्ज कर नीरज कुमार ने जेडीयू का किला बचा लिया है.

यह भी पढ़ें- Bihar MLC Election Results: एमएलसी चुनाव में किसने मारी बाजी? पटना से दरभंगा तक जानें पूरा अपडेट



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *