Wheat Sowing 2026: क्या आप भी रबी सीजन में गेहूं की बुवाई करने जा रहे हैं? अगर हां तो बुवाई के समय और बीज की किस्म का ध्यान रखना सबसे जरूरी है. इसी को देखते हुए भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIWBR), करनाल ने किसानों के लिए नई कृषि सलाह जारी की है. संस्थान ने किसानों को अपने इलाके की जलवायु और सिंचाई की सुविधा के हिसाब से गेहूं और जौ की बुवाई करने की सलाह दी है.
साथ ही, नवंबर के पहले पखवाड़े यानी 1 से 15 नवंबर के बीच बुवाई पूरी करने को कहा है. सही समय पर सही किस्म की बुवाई करने से फसल का अंकुरण अच्छा होता है और पैदावार बढ़ाने में मदद मिलती है.
गेहूं की बुवाई करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- संस्थान के मुताबिक, किसान हमेशा भरोसेमंद जगह से प्रमाणित बीज खरीदें.
- अपने इलाके के लिए सुझाई गई किस्मों को ही बोएं.
- दूसरे क्षेत्र की किस्म लगाने से फसल में रोग लगने का खतरा बढ़ सकता है.
- इसके अलावा बुवाई से पहले खेत की मिट्टी की जांच कराना भी फायदेमंद रहेगा.
अगर खेत में पराली बची हुई है, तो किसान हैप्पी सीडर या स्मार्ट सीडर मशीन से बिना पराली हटाए गेहूं की सीधी बुवाई कर सकते हैं. इससे पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. संस्थान ने किसानों को पराली न जलाने की सलाह भी दी है.
सिंचाई और खाद का रखें सही हिसाब
गेहूं की फसल में जरूरत से ज्यादा खाद और पानी खर्च करने से बचें. खेत में समय पर और जरूरत के हिसाब से ही सिंचाई करें. इससे पानी की बचत होगी और खेती की लागत भी कम रखने में मदद मिलेगी. खरपतवार और फसल में लगने वाले रोगों से बचाव के लिए भी सही समय पर जरूरी उपाय करें. बुवाई में देरी न करें, क्योंकि देर से बोई गई फसल पकने के समय ज्यादा गर्मी की चपेट में आ सकती है. इससे दाने बनने और पैदावार पर असर पड़ सकता है.
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गेहूं की अगेती बुवाई के लिए कौन सी किस्में चुनें?
ICAR-IIWBR ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए गेहूं की कई किस्में सुझाई हैं. उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान सिंचित खेतों में अगेती बुवाई के लिए DBW 187, DBW 303, WPC 1270, DBW 327, DBW 332, PWD 872, DBW 370, DBW 371 और DBW 372 किस्मों का चुनाव कर सकते हैं.
वहीं, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान के उदयपुर व कोटा क्षेत्र के किसानों के लिए DBW 187, DBW 303, DBW 327, DBW 445, JW 1399 (MP 1399), PWD 906, HD 3463 और JW 543 किस्मों सही रहेगी. ये किस्में सिंचित खेतों में नवंबर के पहले सप्ताह तक अगेती बुवाई के लिए बताई गई हैं.
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