Headlines

‘जन-महाभियोग’ प्रस्ताव रख खरगे ने लगाए 6 आरोप, BJP बोली- पहली वोट चोरी नेहरू जी ने की


कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मॉक पार्लियामेंट में ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया. खरगे ने इस दौरान 6 बड़े आरोप लगाए. इनमें चुनाव चुराने की साजिश, 13.2 करोड़ वोटर्स के नाम डिलीट करना. संसद की निगरानी या जानकारी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव, इसीआईनेट के जरिए मतदाता सूचियों पर कब्जा करना, अन्य चुनाव आयुक्तों को प्रक्रिया से दूर रखना, मोदी और शाह के इशारे पर काम करने जैसे आरोप शामिल हैं. 

उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत सरदार वल्लभभाई पटेल और इंदिरा गांधी को याद करते हुए की. इस दौरान खरगे ने प्रस्ताव रखते हुए, इलेक्शन कमीशन, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मौजूदा केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना भी साधा. उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने वोट का अधिकार दिया, लेकिन आरएसएस ऐसा नहीं चाहती थी. 

खरगे ने कहा कि वोट के अधिकार को ही हम बचा रहे हैं. नहीं कब के मर जाते या गुलाम ही रह जाते. आरएसएस ने आपत्ति जताई थी. कहा था कि मत दो आप पछताएंगे. मैं बताऊंगा पंडित नेहरू ने क्या कहा था? साथ ही खरगे ने मांग की है कि जल्द से जल्द ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए. 60 प्रतिशत जनता का प्रतिनिधित्व करता इंडिया ब्लॉक इसकी मांग करता है. 

बीजेपी ने क्या कहा है? 
वहीं, बीजेपी की तरफ से संबित पात्रा ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले वोट चोरी पंडित नेहरू ने की थी. जब दिग्गज नेता सरदार वल्लभ भाई पटेल के लिए डब्बे में डाले गए वोट की चोरी कर भारत के पहले प्रधानमंत्री बने. 

वोट देने का अधिकार गंभीर खतरे में: खरगे

उन्होंने कहा कि आर्टिकल 326 सभी व्यस्कों को वोट देने का अधिकार देता है, जो अब गंभीर खतरे में हैं. उन्होंने कहा कि सीईसी से हमारा कोई निजी बैर नहीं है. हम निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं. लेकिन पीएम के इशारे पर सीईसी चल रहे हैं.  वोट का अधिकार आज खतरे में है. ऐसे में लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे.

इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी ने सत्ता पर काबिज रहने के लिए हर साजिश रची. चुनावी बॉन्ड, सांसद चोरी, और अब वोट चोरी, हमारे पास सैकड़ों उदाहरण है. विपक्ष के 145 सांसदों को सस्पेंड किया और इस बिल को लाया गया. जो देश को लेकर प्रतिबद्ध थे, उन्हें बाहर करके बिल लाया गया. 

उन्होंने कहा कि यह कानून चुनाव आयुक्त को ऐसी सुरक्षा देता है, जो राष्ट्रपति को भी नहीं है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 40 लाख नए नाम जोड़ गए. इससे नतीजा पलट गया. एसआईआर के दौरान 5 गुना ज्यादा नाम हटा दिए. यह काम मोदी और शाह कर रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भी यही हुआ. राहुल गांधी ने देश का नक्शा पूरे देश के सामने रखा था. उन्होंने बताया था कि कहां गड़बड़ी हुई है. 18 बार चुनाव आयोग से जानकारी मांगी गई. अभी तक किसी तरह का जवाब नहीं दिया गया. 

चोरी पकड़ी तो कर दिया SIR का ऐलान

खरगे यहीं नहीं रुके, उन्होंने अपने भाषण में आगे कहा कि जब चोरी पकड़ी गई, तो एसआईआर का ऐलान कर दिया गया. मृतकों को वोटर लिस्ट में रखने की कोई पैरवी नहीं कर रहा है. आप हटाएं. हमने यह कभी नहीं कहा है. हम यही चाहते हैं कि आप आंकड़े दो. कौन बाहर से है, कौन मर गया है. इसके आंकडे़ं दिए तो हमें मालूम होगा, आपका तरीका सच है या झूठ. लेकिन मोदी सरकार इसे छुपा रही है. हम देखते हैं कि कहा जाता है कि विपक्ष के लोग घुसपैठियों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. हम सच्चे वोटर को रखने. उसकी हिफाजत के लिए कहते हैं. 

खरगे ने अपने भाषण में कहा है कि आप नाम जरूर हटाए. आप नाम निकाल सकते हैं. इसके अलावा एसआईआर के डिजाइन में भी खामियां है. हम कोशिश कर रहे हैं. मजबूरी में हमें सड़क पर उतरना पड़ा है. हमारी कोशिश रही है कि कानूनी तौर पर जो हम कर सकते हैं, हम कर रहे हैं. 

2023 के कानून को रद्द करने की मांग

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने लोगों को अरेस्ट किया. विरोध पर रोक लगा दी. रेल-इंटरनेट बंद कर दिया. ये सभी किसने किया हमको बोल रहे हैं. देश में अराजकता फैला रहे हैं. हम उचका रहे हैं. आप गलत कर रहे हैं. 

इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष ने तुरंत सीईसी को पद से हटाकर 2023 के कानून को रद्द करने की मांग की. साथ ही कहा कि एसआईआर को रोका जाए. इसके अलावा उन्होंने कहा कि संविधान बनाने वालों ने वोट देने का अधिकार दिया. हर नागरिक को बराबरी का दर्जा देने के लिए. कई देश, अमेरिका, यूके, फ्रांस ने आजादी के बाद महिलाओं को वोट का अधिकार नहीं दिया. भारत केवल ऐसा देश है, जिसने सभी को संविधान लागू होते ही वोटिंग का अधिकार दिया. 

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *