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‘नतीजों को वैध मानें…’, इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने चुनाव को दी कानूनी मान्यता


इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने संसदीय चुनाव के नतीजों को कानूनी रूप से मान लिया है. उन्होंने कहा है कि वह नई सरकार के गठन को लेकर कई दलों के डेलीगेशन से बातचीत करेंगे. नतीजों को वैध मानें, यह बात राष्ट्रपति हर्जोग ने कही है. इससे पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को बड़ा झटका लगा है.

नेतन्याहू इन चुनावों को अमान्य साबित करने की कोशिश कर रहे थे. इन चुनावों में धार्मिक राष्ट्रवादी गुट ने इजरायली संसद नेसेट में अपना बहुमत खो दिया है. वहीं, अरब नेतृत्व वाले दलों ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है. 

नेतन्याहू और उनके सपोर्टर्स ने बार-बार बिना किसी सबूत के यह दावा किया है कि अरब नेतृत्व वाले दलों ने चुनाव चुरा लिए. इसमें शायद विदेशी मदद भी शामिल थी. अब इस पर इजरायली राष्ट्रपति को तय करना होगा, किसे पीएम के रूप में नामित करें. यह ऐसी प्रक्रिया है, जिससे नेतन्याहू के विरोधी सत्ता में आ सकते हैं. 

चुनाव आयोग ने इजरायल चुनाव पर क्या कहा? 

इससे पहले चुनाव आयोग ने बुधवार को कहा है कि सभी दलों की तरफ से लाए गए धांधली के आरोपों की गहन जांच के बाद उन्हें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली. इससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठे हों, या नतीजों पर कोई असर पड़ा हो. नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने इस पर टिप्पणी करने के अनुरोध का कोई जवाब फिलहाल नहीं दिया है. 

शिन बेट भी कर रही आरोपों की जांच

इधर, चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों की जांच शिन बेट की खुफिया एजेंसी भी कर रही है. इस एजेंसी के चीफ डेविड जिनी हैं. इन्हें नेतन्याहू ने ही नियुक्त किया था. वे उनके वफादार माने जाते हैं. बुधवार को हुई चुनाव समिति के सदस्यों की बैठक में समिति के प्रमुख और सुप्रीम कोर्ट के जज नोआम सोहलबर्ग ने शिन बेट का एक खुफिया आकलन पढ़कर भी सुनाया. इसमें बताया गया कि एजेंसी का मानना है कि इजरायल में विदेशों से भारी मात्रा में धन आया है. इसमें इजरायल विरोधी देश भी शामिल हैं. 

शिन बेट ने अपने इस दावे के समर्थन में फिलहाल किसी तरह के सबूत नहीं दिए. न्यूज एपी की मानें तो इस आकलन से जुड़ी एक कॉपी एक ऐसे व्यक्ति को मिली है, जो उस बैठक में शामिल था. एक बंद कमरे में हुई बैठक के बारे में बात करने के लिए संबंधित व्यक्ति ने अपनी पहचान गुप्त रखने का अनुरोध किया था. समिति ने पहले भी कहा है कि हालांकि चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे. विदेशी तत्वों के दावे गंभीर हैं. इनकी जांच चल रही है. समिति का मानना है कि इस तरह के किसी भी हस्तक्षेप का नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ा है. भले ही ऐसा कुछ भी हुआ हो.   

राष्ट्रपति हर्जोग बोले- जांच एजेंसियों, पुलिस पर पूरा भरोसा

हर्जोग ने कहा कि उन्हें शिन बेट, पुलिस और अन्य कानून लागू करने वाली एजेंसियों के काम पर पूरा भरोसा है. यह चुनाव में विदेशी दखल के आरोपों की जांच कर रही हैं. चुनाव नतीजों पर किसी बाहरी और नुकसानदेह दखल के संदेह की. शिन बेट और पुलिस की तरफ से पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए. 

इसके अलावा हर्जोग ने इजरायल की अरब कम्युनिटी को बदनाम करने के खिलाफ भी चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि सबको एक ही नजरिए से देखने से बचें. इजरायल के अरब समाज के प्रति मेरे मन में बहुत सम्मान है. देश के हर इलाके में उनके योगदान और समाज में घुलने मिलने की उनकी इच्छा की मैं कद्र करता हूं. 



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