- नई TRS आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में उतरेगी।
तेलंगाना की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए भारत राष्ट्र समिति (BRS) की पूर्व नेता कलवाकुंटला कविता (के. कविता) ने आज शनिवार (25 अप्रैल, 2026) को अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है. आश्चर्यजनक रूप से, उन्होंने अपनी पार्टी का नाम ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (TRS) रखा है. यही वह नाम था, जिसे के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने बाद में बीआरएस में बदल दिया था. कविता ने यह कदम बीआरएस से बाहर निकलने के करीब छह महीने बाद उठाया है.
TRS का नाम तेलंगाना के हर वासी के दिल में बसता हैः कविता
पार्टी लॉन्च करते हुए के. कविता ने कहा, ‘TRS सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि तेलंगाना आंदोलन की पहचान थी. यह नाम हर तेलंगानावासी के दिल में बसता है. केसीआर ने जब पार्टी का नाम बदलकर बीआरएस किया, तो उन्होंने क्षेत्रीय अस्मिता को कमजोर करने की कोशिश की. मैं उसी मूल विचार को फिर से जीवित करूंगी.’ उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस ने किसानों, युवाओं और महिलाओं के मुद्दों को अनदेखा किया, जबकि टीआरएस का मूल एजेंडा तेलंगाना का सर्वांगीण विकास था.
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पिछले साल BRS और के. कविता के बीच दिखने लगी थी दरारें
पिछले साल दिल्ली शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से गिरफ्तार किए जाने के बाद से के. कविता और केसीआर परिवार में दरारें साफ नजर आने लगी थीं. जेल से बाहर आने के बाद कविता ने कई बार बीआरएस में अंदरूनी तानाशाही की ओर इशारा किया था. पिछले साल सितंबर में उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था और अब अंततः नई पार्टी बनाकर अलग रास्ता चुन लिया.
सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BRS को टक्कर दे सकती है TRS: एक्सपर्ट
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कविता का यह कदम तेलंगाना की सत्ताधारी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी बीआरएस दोनों के लिए टक्कर बन सकता है. एक वरिष्ठ विश्लेषक का कहना है कि टीआरएस नाम का भावनात्मक जुड़ाव अभी भी तेलंगाना के ग्रामीण इलाकों में बना हुआ है. कविता ने यह दांव चलकर क्षेत्रीय पहचान के सहारे अपनी अलग जगह बनाने की कोशिश की है. हालांकि, केसीआर के वफादार कार्यकर्ताओं को तोड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा.’
अगले महीने पार्टी का झंडा और घोषणापत्र होगा जारी
हालांकि, के. कविता की नई पार्टी को लेकर बीआरएस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन केसीआर के करीबी सूत्रों का कहना है कि पुराने नाम को दोहराने से पुराने कार्यकर्ताओं का भ्रम पैदा हो सकता है. वहीं, कांग्रेस ने इसे बीआरएस का आंतरिक विभाजन बताते हुए इसे परिवारवाद का अंत करार दिया है. कविता ने अगले महीने हैदराबाद से एक बड़ी रैली करने का भी ऐलान किया है, जहां वह पार्टी का झंडा और घोषणापत्र जारी करेंगी.
स्थानीय निकाय चुनाव में उतरने की तैयारी में TRS
नई टीआरएस राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में उतरने की तैयारी कर रही है. कविता ने कहा कि वह बीआरएस के भ्रष्ट और अलोकतांत्रिक तंत्र के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करेंगी. साथ ही, वह दिल्ली शराब घोटाला मामले में अपनी बेगुनाही का झंडा भी बुलंद करेंगी. देखना यह होगा कि क्या के. कविता ‘टीआरएस’ के पुराने ब्रांड को नई ऊर्जा दे पाती हैं या यह राजनीतिक प्रयोग क्षेत्रीय दलों के इतिहास में एक और चैप्टर भर साबित होता है.
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