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अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पवन खेड़ा, गुवाहाटी हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, जानें पूरा मामला


Assam Election 2026: गुवाहाटी हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज हो जाने के बाद अब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. पूरा मामला असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद शुरू हुआ. साथ ही असम हाईकोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को मानहानि नहीं, बल्कि साजिश माना है. साथ ही कहा है कि हिरासत में पूछताछ की जाए. हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद पवन खेड़ा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट भी हाईकोर्ट के फैसले को यथा स्थाई रखता है तो, फिर पवन खेड़ा की मुश्किलें बढ़ सकती है. उन्हें गिरफ्तार किया सकेगा. 

मामला तब विवाद में आया था, जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम चुनावी प्रचार के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी पत्नी पर 3 देशों का पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था. इसपर असम में उनके खिलाफ जालसाजी और मानहानि का केस दर्ज हुआ है. गुवाहाट हाईकोर्ट से उनकी याचिका खारिज होने के बाद से गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें ट्रांजिट बेल दी थी, इसपर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी. 

कांग्रेस नेता खेड़ा ने सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सुरमा पर उनके पास कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात, एंटीगुआ और बारबुडा-मिस्र के कई विदेशी पासपोर्ट होने का दावा करते हुए आरोप लगाया था. इसके अलावा उनके पास दुबई में दो अलग-अलग संपत्तियां होने की बात भी खेड़ा की तरफ से कही गई थी. इसके अलावा आरोप लगाया गया था कि संयुक्त राज्य अमेरिका के व्योमिंग राज्य में रजिस्टर्ड रिनिकी भुइयां सरमा एसेट कलेक्टिव एलएलसी नाम की फर्म के नाम पर 52 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति होने का आरोप लगाया था. इस पर असम सीएम सरमा और उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया है. 

पवन खेड़ा के साथ खड़ी पार्टी
इधर कांग्रेस पार्टी ने भी पवन खेड़ा का समर्थन किया है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमान की मांग करते हुए एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. इस बारे में जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए जानकारी दी थी. 

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