- धार्मिक स्थलों पर माथा टेकने के साथ ही स्थानीय स्वाद का भी उठाया लुत्फ़।
West Bengal Assembly Elections: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को होना है. नियमों के मुताबिक, मतदान के दो दिन पहले ही राज्य में राजनीतिक पार्टियों की तरफ से दिए जाने वाले भाषणों, जनसभाओं, रैलियों और रोड शो पर विराम लग चुके हैं. जहां बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) केंद्र की भाजपा सरकार के साथ पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साध रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सभी बड़े नेताओं ने पश्चिम बंगाल में धुआंधार प्रचार अभियान को अंजाम दिया है.
भाजपा ने इस चुनाव में अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. पार्टी नेताओं की ओर से प्रचार में अलग-अलग रंग भी दिखाई दिए, कभी झालमुडी खाकर प्रचार हुआ, तो कभी नाव की यात्रा हुई. मंदिरों में दर्शन के जरिए हिंदू मतदाताओं को संदेश देने की बड़ी कोशिश की गई. ऐसे में भाजपा की ये मेहनत और कोशिश बंगाल में कितनी सफल होती है, ये 4 मई, 2026 को चुनाव के नतीजों के सामने आने पर ही पता चलेगा.
बंगाल को साधने के लिए PM मोदी ने किए 21 रैलियां और तीन रोड शो
चुनाव आयोग की तरफ से 15 मार्च, 2026 को राज्य में चुनावी बिगुल बजा और बंगाल सियासी अखाड़े में बदल गया. इस दौरान बंगाल की जनता को साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 रैलियां और तीन रोड शो किए. इसके अलावा, उन्होंने हुगली नदी में नौका विहार कर बता दिया कि सत्ता की राह अब सड़क से ही नहीं, बल्कि नदी के रास्ते भी तलाश की जा रही है.
भाजपा को बंगाल की सत्ता में काबिज करने की मंशा के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी 20 जनसभाएं, 11 रोड शो और संगठनात्मक बैठकों से चुनावी इंजन को फुल स्पीड पर रखा. वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी बंगाल में तीन सभाओं और 12 रोड शो के जरिए मोर्चा संभाला. बीजेपी ने इस चुनाव में आस्था को भी पूरी राजनीतिक आस्था के साथ अपनाया.
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इसके अलावा, BJP की ओर से सुवेंदु अधिकारी ने 60 से ज्यादा सभाएं कीं, दिलीप घोष ने 35 से 40 कार्यक्रम किए और समिक भट्टाचार्य ने 30 से अधिक सभाओं से मोर्चा संभाला. कुल मिलाकर बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने 500 से ज्यादा छोटे-बड़े कार्यक्रम कर राज्य में कमल खिलाने के लिए पूरी बागवानी की.
चुनावी मैदान में सियासत के बीच आस्था के बहे बयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थंथानिया कालीबाड़ी, मतुआ ठाकुरबाड़ी, दक्षिणेश्वर काली मंदिर और बेलूर मठ में मत्था टेका. वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने इस्कॉन मंदिर, रामकृष्ण मिशन केंद्रों में दर्शन किए और गंगासागर में स्नान कर आध्यात्मिक संदेश भी दिया और राजनीतिक तापमान भी बढ़ाया. जबकि नितिन नवीन ने नैहाटी की बड़ी मां काली के दरबार में पूजा की और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के आवास पर श्रद्धांजलि दी.
बंगाल में भाषण से स्वाद तक रहा पीएम मोदी का अभियान
बंगाल का चुनाव इस बार सिर्फ भाषणों का नहीं, स्वाद का भी रहा. झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री मोदी अचानक एक दुकान पर रुके, झालमुड़ी खाई और खुद पैसे भी चुकाए. संदेश साफ था राजनीति में मसाला भी जरूरी है और कभी-कभी मुरमुरे भी. उन्होंने कहा कि बंगाल की झालमुड़ी का स्वाद, बंगाल की मिट्टी की तरह ही अनोखा है. मोदी के भाषणों में विकास भी था और विपक्ष पर तगड़ा तड़का भी.
पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री का धुआंधार प्रचार और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के मन में उत्साह भर दिया. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के चौतरफा वार की रणनीति ने पश्चिम बंगाल चुनाव को दिलचस्प बना दिया है. ऐसे में अब 29 अप्रैल, 2026 को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव और 4 मई को जारी होने वाले नतीजों को इंतजार रहेगा.
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