दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने एक सख्त नियम लागू किया है, जिसका सीधा असर हर गाड़ी मालिक पर पड़ेगा. अब No PUC, No Fuel यानी बिना वैलिड PUC सर्टिफिकेट के आपको पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं मिलेगी. इस फैसले का मकसद गाड़ियों से होने वाले पॉल्यूशन को कम करना और शहर की हवा को साफ रखना है.
इस नियम के मुताबिक, अगर आपकी गाड़ी का PUC सर्टिफिकेट नहीं है या एक्सपायर हो चुका है तो पेट्रोल पंप पर आपको फ्यूल नहीं दिया जाएगा. इतना ही नहीं, अगर आप बिना PUC के गाड़ी चलाते पकड़े गए तो आप पर भारी जुर्माना भी लग सकता है. यह जुर्माना करीब 10,000 रुपये तक हो सकता है और कुछ मामलों में जेल या अन्य कार्रवाई भी हो सकती है.
इंश्योरेंस क्लेम भी हो सकता है खारिज
सरकार ने इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और अन्य एजेंसियों को जिम्मेदारी दी है. ये टीमें लगातार जांच करेंगी और जरूरत पड़ने पर मौके पर ही चालान काट सकती हैं. ये जांच पूरे साल चलती रहेंगी. अगर आपका PUC सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया है तो ऐसे में आपको देरी का सामना करना पड़ सकता है या फिर आपके इंश्योरेंस क्लेम को खारिज भी किया जा सकता है.
क्या होता है PUC सर्टिफिकेट?
PUC सर्टिफिकेट एक ऐसा डॉक्यूमेंट है जो बताता है कि आपकी गाड़ी कितना पॉल्यूशन कर रही है. अगर गाड़ी तय सीमा से ज्यादा पॉल्यूशन करती है, तो उसे ठीक कराने के बाद ही नया सर्टिफिकेट मिलता है. इसलिए हर गाड़ी मालिक के लिए जरूरी है कि समय-समय पर PUC बनवाते रहें, नहीं तो उन्हें फ्यूल न मिलने और भारी जुर्माने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
कैसे बनवाया जा सकता है?
PUC सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आपको अपनी गाड़ी को अधिकृत उत्सर्जन जांच केंद्र या पेट्रोल पंप पर बने PUC सेंटर ले जाना होगा. यहां ऑपरेटर गाड़ी के एग्जॉस्ट पाइप में जांच उपकरण लगाकर उत्सर्जन स्तर मापेगा. अगर आपकी गाड़ी प्रदूषण मानकों पर खरा उतरती है तो आपको केंद्र की तरफ से डिजिटल PUC सर्टिफिकेट भी दे दिया जाएगा. इसके लिए आपको 60 रुपये से 100 रुपये तक जमा कराने होंगे.
PUC ऑनलाइन नहीं बनवाया जा सकता है क्योंकि इसके लिए गाड़ी का फिजिकल एमिशन टेस्ट कराना अनिवार्य है. हालांकि टेस्ट पास करने के बाद PUC सर्टिफिकेट आप ऑनलाइन डाउनलोड और प्रिंट करा सकते हैं.
यह भी पढ़ें:-
चीनी कंपनी ने पेश की रोबोटैक्सी, इस ड्राइवरलेस गाड़ी में खुद फैसले लेता है AI सिस्टम
