Headlines

Jodhpur News: ‘उड़ता पंजाब’ जैसी साजिश नाकाम, मौत की फैक्ट्री से करोड़ों का नशा बरामद


राजस्थान के जोधपुर जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और फिल्मी कहानी सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक को हैरान कर दिया है. बालेसर के एक शांत गांव और साधारण से दिखने वाले खेत के नीचे करोड़ों रुपये के नशे की एक काली दुनिया पल रही थी. लेकिन जब पुलिस और ANTF (Anti Narcotics Task Force) की टीम ने यहां दबिश दी, तो रात का सन्नाटा अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा.

मामला बालेसर के बावरली गांव स्थित लूणावपुरा इलाके का है. जहां दिन में लोग सामान्य रूप से खेती-बाड़ी करते नजर आते थे, वहीं रात के अंधेरे में एक खेत के अंदर ‘मौत की फैक्ट्री’ धड़ल्ले से चल रही थी. बाहर से सब कुछ एकदम सामान्य था, लेकिन अंदर एमडी (MD) ड्रग्स का एक बहुत बड़ा जाल बुना जा रहा था, जो युवाओं की ज़िंदगी तबाह करने के लिए पूरी तरह से तैयार था.

‘ऑपरेशन विषघ्राण’ और 15 राउंड फायरिंग

शनिवार (25 अप्रैल) देर रात ANTF ने खुफिया सूचना के आधार पर “ऑपरेशन विषघ्राण” के तहत इस ठिकाने पर धावा बोला. टीम को अंदेशा था कि यहां कुछ बड़ा चल रहा है, लेकिन जो सामने आया, वह रोंगटे खड़े करने वाला था. जैसे ही पुलिस टीम इस अंडरग्राउंड फैक्ट्री के करीब पहुंची, अंदर मौजूद तस्करों को भनक लग गई. खुद को घिरता देख तस्करों ने पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी. अंधेरे में गोलियों की गूंज, चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से करीब 15 राउंड फायरिंग हुई.

इंस्पेक्टर की जांबाजी और 6 तस्कर गिरफ्तार

इस भीषण मुठभेड़ के दौरान तस्करों ने सीधे इंस्पेक्टर देवेंद्र को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं, लेकिन उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया. अपनी जान जोखिम में डालकर उन्होंने अपनी टीम के साथ तस्करों की घेराबंदी कर ली. खुद को घिरता देख कुछ आरोपियों ने पुलिस की गाड़ियों को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की, तो कुछ अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों में छिपने लगे. लेकिन पुलिस का जाल इतना मजबूत था कि 6 खूंखार तस्करों को मौके से दबोच लिया गया. भागने की इस जद्दोजहद में 2 आरोपी बुरी तरह घायल हो गए, जिनमें से एक की टांग टूट गई है.

राजस्थान BJP प्रभारी ने सचिन पायलट पर कर दिया बड़ा दावा, अशोक गहलोत बोले- उम्मीद करता हूं अब छोड़ के…

100 किलो ड्रग्स और करोड़ों का सेटअप बरामद

जब पुलिस टीम ने फैक्ट्री के अंदर कदम रखा, तो वहां का नज़ारा किसी हॉलीवुड फिल्म के ड्रग्स कार्टेल जैसा था. अंदर से करीब 100 किलो एमडी ड्रग्स, भारी मात्रा में केमिकल्स और ड्रग्स बनाने की बड़ी मशीनें बरामद हुईं. यह कोई छोटी-मोटी लैब नहीं थी, बल्कि एक बड़े और संगठित ड्रग्स सिंडिकेट का हिस्सा थी.

बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद

घटना के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक (SP) अमित जैन समेत कई आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. पूरी रात इलाके को सील कर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया. FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम मौके पर मौजूद है और हर एक सबूत को बारीकी से जुटा रही है.

अब जांच एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और यह पता लगाने में जुटी हैं कि एक साधारण खेत के नीचे छिपा नशे का यह साम्राज्य कब से चल रहा था? इसके तार किन-किन राज्यों और बड़े सफेदपोशों से जुड़े हैं? क्या यह सिर्फ एक अकेली फैक्ट्री थी, या पूरे मारवाड़ इलाके में नशे का कोई बहुत बड़ा खेल खेला जा रहा है? पुलिस की आगे की जांच में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है.

Sirohi Weather News: सिरोही में अप्रैल की भीषण गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, 42 डिग्री पार, कूलर-AC की मांग में उछाल



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *