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सरकार ने पूरे देश में एक साथ भेजा अलर्ट मैसेज, क्या ऐसे आपके फोन में कुछ भी हो सकता है बदलाव?


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  • सरकार ने सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम का ट्रायल किया।
  • यह सिस्टम आपदाओं में तुरंत लोगों को सूचित करेगा।
  • अलर्ट के लिए न इंटरनेट, न नंबर की जरूरत।
  • यह टेक्नोलॉजी फोन डेटा या सेटिंग्स नहीं बदल सकती।

Emergency Alert: 2 मई की सुबह लगभग 11.40 बजे सरकार की तरफ से मोबाइल पर एक इमरजेंसी अलर्ट भेजा गया था. यह सरकार के एक नए सिस्टम का ट्रायल था. यह अलर्ट सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम को परखने के लिए भेजा गया था. किसी प्राकृतिक आपदा के समय लोगों को अलर्ट करने के लिए यह सिस्टम बनाया गया है. अगर कोई फोन साइलेंट है तो भी यह अलर्ट आने पर उसमें साउंड आएगी और यह फोन की स्क्रीन पर पॉप-अप होगा. ऐसे में कुछ लोगों के मन में यह सवाल भी आ सकता है कि क्या अलर्ट भेजने की तरह दूर बैठकर फोन में कुछ भी बदलाव किया जा सकता है? आज हम इस सवाल का जवाब जानेंगे. 

कैसे भेजे गया था इमरजेंसी अलर्ट?

2 मई को सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी की मदद से लोगों को अलर्ट किया गया था. यह सिस्टम किसी इलाके में एक साथ कई लोगों को एक साथ अलर्ट मैसेज भेजने के काम आती है. इस पर नेटवर्क कंजेशन का कोई असर नहीं होता और अलर्ट भेजते ही लोगों के मोबाइल पर पहुंच जाता है. इसे 1990 के दशक में यूरोपीय टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्ड इंस्टीट्यूट ने डेवलप किया था और आज 30 से अधिक देशों में इसे यूज किया जा रहा है.

यह टेक्नोलॉजी काम कैसे करती है?

किसी इलाके में लगे मोबाइल टावर अपनी रीच में आने वाले फोन के साथ कम्युनिकेट करते रहते हैं और नेटवर्क भी प्रोवाइड करते हैं. जिस टेक्नोलॉजी के कारण टावर से मोबाइल के बीच इस कम्युनिकेशन होता है, उसे सेल ब्रॉडकास्ट कहा जाता है. इस टेक्नोलॉजी का यूज कर सरकार इमरजेंसी अलर्ट इश्यू कर सकती है. यह वन-वे कम्युनिकेशन होता है, जो एक टावर से कनेक्टेड सभी मोबाइल पर एक साथ मैसेज भेज सकता है. इसके लिए न तो इंटरनेट की जरूरत है और न ही सरकार के पास किसी मोबाइल यूजर का नंबर होना जरूरी है. 

क्या इससे फोन में और बदलाव हो सकते हैं?

इस सवाल का जवाब है नहीं. यह टेक्नोलॉजी read-only communication channel को सपोर्ट करती है और इसके जरिए फोन की ऐप्स, फाइल्स और सेटिंग्स को एक्सेस नहीं किया जा सकता. 

फिर फोन में रिमोटली चेंज कैसे किया जा सकता है?

अगर आप सोच रहे हैं कि आपको फोन में रिमोटली चेंजेज नहीं किए जा सकते तो भी आप गलत हैं. स्पाईवेयर की मदद से कोई भी दूर बैठकर आपके फोन को ऑपरेट कर सकता है. स्पाईवेयर इंस्टॉल होने के बाद आपके यूज न करने पर भी फोन लगातार यूज किया जा सकता है. इसकी मदद से फोन की हर फाइल, कैमरा और माइक्रोफोन तक को एक्सेस किया जा सकता है. 

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